चलो अपने प्यार को भी देश की तरह कृषि प्रधान बनाते हैं, क्यों प्यार में गोली मारने का इरादा है क्या? अरे तुम मुझे क्या […]
Month: September 2017
पॉलिटिकल लव: आओ विपक्ष की तरह एक हो जाएं
तुम गुस्सा हो क्या आज कल? लगता है हमारे रिश्ते में दरार आ गयी। क्यों तुम भी लालू की तरह घोटाले करती हो जो मैं […]
पॉलिटिकल लव 2: ख़बर या प्यार
देखो न आज कुछ खत्म हो रहा है. अरे क्या खत्म हो रहा है? वही अपने मिलने की जगह बुक फेयर, अब मिलने का बहाना […]
पत्रकार का सुपरलेटिव डिग्री है चाटुकार!!
एक पत्रकार बनने से पहले आपको चाटुकार बनना उतना ही जरूरी है जितना बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना। आपको चाटना आना चाहिए, हो सके […]
घर में टॉयलेट नहीं बनाया तो नहीं मिलेगी बिजली
‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का नाम तो सुना ही है और आये दिन नए-नए किस्से भी सुनते होंगे कि घर में शौचालय न होने से […]
ख़बर प्यार की नज़र से
ख़बर को समझना हो तो प्यार की नज़र से समझो जैसे ऐसे, क्या बात है आज कल तुम खाली फ़ोन पर ही बात करती हो […]
आज पत्रकार दुनिया बदल रहे हैं, अपने आप को छोड़ कर..
आज पत्रकार दुनिया बदल रहे हैं, सब बदलने जा रहे हैं आज के पत्रकार। एक दम विचारों की चरस बो कर ही मानेंगे, उतर गए […]
मासूमों के कत्लों पर आपके मन में सवाल नहीं उठता?
बीते हफ़्ते की दो घटनाएँ, बक्सर के डीएम मुकेश पांडे की आत्महत्या और गोरखपुर में 60 से ज़्यादा बच्चों की मौत. इन घटनाओं ने हमारे […]
हैप्पी विमेंस डे (नियम व शर्तें लागू)
ब्रा, ब्रेस्ट और पीरियड्स की बात पर हम अचानक अपने आँख कान नाक खोल कर बैठ जाते हैं| फ्रीडम ऑफ़ स्पीच और फेमिनिज्म आजकल का […]
संसद में नहीं हूँ, झख मार रही हूँ : तारकेश्वरी सिन्हा
एक बार डॉक्टर राम मनोहर लोहिया संसद में स्टालिन की बेटी स्वेतलाना को भारत में शरण दिए जाने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस सांसद […]