Posted in साहित्य न करीब आ न तू दूर जा ये जो फ़ासला है ये ठीक है Estimated read time 1 min read Posted on September 12, 2018September 14, 2018 by लोकल डिब्बा टीम ग़ज़ल की ख़ूबसूरती है कि यहां बातें छिपाकर कही जाती हैं. जो जाहिर है ऐसा माना जाता है वह ग़ज़ल…