Author: अभय
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एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: खुदाई स्पेशलिस्ट और मोस्ट चर्चेबल JCB जी
सारी दुनिया एक तरफ और इनकी खुदाई एक तरफ। ये कोई आम आदमी नहीं है जी, ये इतनी खास हैं कि इनके आते ही पूरा मोहल्ला इकठ्ठा हो जाता है। अगर गलती से ये फंस जाती हैं तो लोग सारे काम छोड़कर इनको निकालने में लग जाते हैं। इनके चक्कर में लोग खाना-पीना तो क्या…
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पॉलिटिकल लव: चुनाव में जो ‘हुआ सो हुआ’, अब प्यार करो
क्या बात है कहाँ गायब हो आजकल? कहीं नहीं बस चुनाव में लगा हुआ था। अच्छा चुनाव के चक्कर में महबूबा को भूल गए? अरे ऐसा नहीं है, बस सोचा थोड़ा देख लूं। हां-हां देख लो, 23 के बाद मैं ही काम आऊंगी कोई नेता नहीं। हां वो तो जानता हूँ मेरी जान। मेरा तो…
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चुनाव के इस दौर में आचार संहिता का इंटरव्यू पढ़ लीजिए
एक वक्त था, जब चुनाव में उनका खौफ हुआ करता था। नेता लोग कुछ भी बोलने से पहले सोचते थे कि कहीं वह नाराज न हो जाएं। उनके लगते ही सब बदल जाता था। पहले नेता के हाव-भाव सब कुछ बदल जाते थे, लेकिन वक्त के साथ सब बदलता चला गया और आज नेता लोग…
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लोकसभा चुनाव: क्या भारत में भी दो वोट देने की सुविधा होनी चाहिए?
जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, मानो बुद्धिजीवियों की बाढ़ सी आ गई है। कोई बोल रहा है कि अच्छा कैंडिडेट चुनें तो कोई बोल रहा है कि पार्टी को वोट करें। अब जो कैंडिडेट को वोट करने को बोल रहे हैं, उनसे एक सवाल है कि अगर कैंडिडेट को वोट कर भी दिया…
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आजकल सूत्र बड़ी चर्चा में हैं, लीजिए सूत्र का ही इंटरव्यू आ गया है
आज हम जिसकी बात करने जा रहे हैं। सब लोग उनकी बात हवाले से करते हैं। कोई उनका हवाला कहीं देता है तो कोई कहीं। मीडिया में इनका अलग ही बोलबाला है। मीडिया में कहा जाता है कि जिसका कोई नहीं होता उनके यही होते हैं। अब आप लोग नाम जानने के लिए बेसब्र हो…
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बेघर होने की राह पर 10 लाख आदिवासी! दोष किसका?
सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख से अधिक आदिवासियों को जमीन से बेदखल करने का आदेश दिया है। आदिवासी समुदाय पर आए इस फैसले से मुझे कोई हैरानी नहीं है क्योंकि यह तय था और इस बात का सबसे बड़ा सबूत कुछ और नहीं सरकार का 2006 में बनाया कानून ही है। यह बात कोई हवा…
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पहले बजट पढ़ा, अब बजट का इंटरव्यू पढ़िए
नमस्कार, आपका स्वागत है लोकल डिब्बा पर। इस बार बात होगी उसकी जो हर साल आता है, जिसका इंतजार अमीर-गरीब सभी को होता है, जिसकी चर्चा दफ्तर से लेकर चाय की दुकान तक होती है। जी हां, आप एकदम सही समझे, हम किसी और की नहीं बल्कि मोस्ट वॉन्टेड‘बजट जी’ की बात कर रहे हैं।…
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सवर्णों को आरक्षण: जानें, इसके ना मिलने के चांस ज्यादा क्यों हैं?
लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने एक और वादा कर दिया है, जिससे हम पिछले वादे भूल सकें। इस बार वादा किया है, सर्वण आरक्षण का है। मेरा मानना है कि एक बार को सरकार विकास ला सकती है लेकिन ये आरक्षण वाला वादा पूरा नहीं कर सकती क्योंकि जिस भी सरकार ने यह…
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क्रिसमस पर पढ़िए दाढ़ी वाले सैंटा क्लाज बाबा का इंटरव्यू
25 दिसम्बर यानी क्रिसमस का दिन, इसको कोई बड़े दिन के रूप में मानता है तो कोई ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में लेकिन इस दिन सबसे ज्यादा चर्चा होती है, सफेद दाढ़ी वाले बाबा की यानी सेंटा क्लॉज की। उनका इंतजार सबको रहता है। वो वाला गाना तो आपने भी सुना ही होगा,…
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इंटरव्यू: छेड़छाड़ और हैकिंग पर ये बोली EVM मशीन
नमस्कार, आपका स्वागत है लोकल डिब्बा पर। एक वक्त हुआ करता था, जब बटन वाले फोन होते थे और बैलेट पेपर वाले वोट लेकिन वक्त के साथ सब बदलता चला गया। फोन स्क्रीन टच हो गए और वोट ईवीएम से होने लगे। ईवीएम जी के आने के बाद एक नई क्रांति आई लेकिन कुछ वक्त…