Author: लोकल डिब्बा टीम
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World Soil Day: आखिर इतनी ज़रूरी क्यों है मिट्टी की सेहत?
विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) पर कम से कम आम लोगों को कोशिश शुरू करनी चाहिए कि मिट्टी की सेहत के लिए हर दिन कोई एक काम करें.
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कोरोना के बाद स्कूल नहीं लौट सकेंगी लड़कियां? क्या कहती है Study
लड़कों की बजाए दोगुनी लड़कियां कुल मिलाकर 4 साल से भी कम समय तक स्कूल जा पाती हैं. वैसे राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत 6 से 14 साल तक की आयु के बच्चों के लिए 1 से 8 कक्षा तक की निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है. स्कूल के इन 8 सालों में से लड़कियां…
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किसान आंदोलन: अबकी जीतेंगे या फिर से ठगे ही जाएंगे?
पंजाब से शुरू हुआ किसान आंदोलन आज दिल्ली पहुंचा है. कृषि बिल के खिलाफ किसान अपनी मांगें लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली की सीमाओं पर जमकर नाकाबंदी की गई है कि प्रदर्शनकारी दिल्ली में न घुसने पाएं.
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बिहार में नीतीश हारे, तो खतरा यूपी में योगी सरकार को भी है!
बिहार में साल 2014 से पहले तक नीतीश कुमार एनडीए के लिए ब्रांड थे. अटल बिहारी वाजपेयी के बाद एनडीए नीतीश को चेहरा मान रहा था. आज हालात यूं हैं कि नीतीश खुद बिहार से हार सकते हैं. कभी एनडीए तो कभी विपक्ष से पीएम कैंडिडेट बनने की जुगत में लगे नीतीश का यह दिन…
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रैलियों की भीड़ दिखाती है कि जनता कोरोना पर कितनी गंभीर है
कोरोना जानलेवा है. यह नारा था. मार्च और अप्रैल 2020 में. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. पूरा देश लॉकडाउन में रहा. लॉकडाउन के चलते घर न जा पा रहे लोग पैदल चल पड़े. रास्ते में लाठी खाई. केस दर्ज हुए. पुलिसिया बर्बरता भी हुई. कहीं तो सैनिटाइजर से ही नहला दिया गया.…
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अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी और सत्ता का मनमाना इस्तेमाल
रिपब्लिक टीवी चैनल के ऐंकर और मालिक अर्णब गोस्वामी. पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र सरकार उनके और वह महाराष्ट्र सरकार के निशाने पर हैं. आखिरकार, एक आत्महत्या के केस में अर्णब गोस्वामी गिरफ्तार किए गए हैं. मामला एकदम फिल्म जैसा है. जिसमें आप सत्ता में बैठे किसी पावरफुल आदमी के खिलाफ कुछ बोलते हैं और…
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सरकारें और पार्टियां हैं खिलाड़ी, फुटबॉल बनकर रह गई है CBI
केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई. इस संस्था का नाम है. मतलब एकदम भौकाल ही है. अकसर बड़े-बड़े मामलों में मांग की जाती है CBI से जांच कराने की. कई बार बड़े-बड़े मामलों में खुलासा भी होता है. लेकिन इसकी आजादी पर हमेशा से सवाल उठते रहते हैं. होना तो यह चाहिए कि बिना किसी लाग-लपेट के…
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सुषुप्त ज्वालामुखी होते जा रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी के लिए, माही मार रहा है जैसे नारे आम होते थे लेकिन अब यही नारे उनको ट्रोल करने के कारण बन गए हैं.
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आर्टिकल 370 पर शोर करके बेवकूफ बना रहे हैं कश्मीरी नेता?
प्रैक्टिकली सोचें तो आर्टिकल 370 होने या ना होने से आम जनता को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. अगर महबूबा मुफ्ती या फारूक अब्दुल्ला इसे फिर से लागू कराने की बात कहें तो यह भी लगभग असंभव है.
