Category: नेशनल
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पद्मावत विवाद: इस पर गर्व करें या शर्म?
मै फ़िल्म पद्मावत से जुड़ी हर खबर, हर बात पिछले कुछ महीनों से सुन और पढ़ रहा हूँ। कुछ खबरें हमें एक भारतीय नागरिक होने की वजह से निराश कर रही हैं। फ़िल्म पद्मावत ( फ़िल्म पद्मावती का बदला हुआ नाम) के मुद्दे पर बहुत बातें हुई, बहुत आर्टिकल भी लिखे गए लेकिन पद्मावत अब…
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20 विकेट गिरने के बाद ‘आप’ का क्या होगा केजरीवाल?
आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को शुक्रवार को आफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। ऐसे में उन्ही के पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। उन्होंने वही काम किया जिसके लिए उनकी पार्टी प्रसिद्ध है। ‘आप’ ने एक और आरोप जड़ दिया। सौरभ भारद्वाज…
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अरे भइया! मोदीजी तो बस ले रहे हैं
क्या भइया, इतने बड़े सेठ हो फुटकर नहीं है? दिनभर नोट ही छाप रहे हो और पांच सौ का खुल्ला नहीं है। क्यों मज़े ले रहे हो साहब! आजकल सब हमारी ले ही रहे हैं, आप काहें छोड़ोगे? मैंने ऐसा क्या कह दिया साहब? कुछ नहीं भाई, आप व्यंग्य मार रहे हो, मोदी जी मुनाफा…
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भारत-इजरायल: बड़े काम की है यह ‘दोस्ती’
इज़रायल के प्रधानमंत्री 6 दिनों के दौरे पर भारत आए हैं। यह इज़रायली प्रधानमंत्री का सबसे लंबा विदेशी दौरा है। 16 साल बाद कोई इज़रायली पीएम भारत आया है। इससे पहले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे, जो इजरायल गए थे। बेंजामिन नेतन्याहू का यह दौरा उस दौरे के जवाब में ही है।…
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भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इतना चुनौतीपूर्ण क्यों?
किसी भी देश के नागरिक का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य हमारे जीवन के अनमोल पहलुओं में से एक है। जिस देश के नागरिक जितना स्वस्थ होगें वह उतना ही देश के विकास में अपना योगदान दें सकेंगे लेकिन जो स्थिति है वह बेहद भयावह है। कुछ साल पहले हमारे यहां हैजा, डायरिया, मलेरिया,…
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आखिर इतनी देर से क्यों जागा सुप्रीम कोर्ट?
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बहुत पहले एक फैसला सुनाते हुए गालिब का एक शेर कहा था कि, मरते हैं आरजू में मरने की, मौत आती है पर नहीं आती! दरअसल, काटजू एक ऐसे केस पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें याचिकाककर्ता ने…
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अपनी प्राइवेसी छिनने पर क्या सोचता है आधार?
आप बस अपनी प्राइवेसी की सोचते हो, क्या आपने मेरा कुछ सोचा कभी, मैं इतनी जगह लिंक होकर कैसा फील कर रहा हूँ? आपको क्या पता इसी लिंकअप के कारण मेरी गर्लफ़्रेंड मुझे छोड़कर वोटर कार्ड भाई के पास चली गई, उसने बोला वोटर कार्ड तो बस 18+ का ही है और तुम्हारा तो तुम्हें…
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न्यूटन vs ब्रह्मगुप्त: सारे विवाद की जड़ तो ‘अवैज्ञानिक समझ’ है
आरोपों-प्रत्यारोपों का संग्राम फ़िर से चरम पर है। बीजेपी के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का “विवादित” बयान है कि “ग्रेविटी” की ख़ोज न्यूटन से सैकड़ों वर्ष पहले “ब्रह्मगुप्त” ने की थी। तो क्या इसमें कुछ विवादित अंश है? वस्तुतः विवादित से कहीं ज़्यादा “अवैज्ञानिक समझ” का प्रदर्शन है। . “सेब गिरता है” यह एक फैक्ट…
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जनता तो आम आदमी पार्टी को पहले ही एक ‘पार्टी’ मान चुकी है
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम जैसे ही सामने आए, लगभग सभी आलोचना करने लगे और बोलना शुरू कर दिया कि आम आदमी पार्टी खत्म हो गई, उसने लोगों का विश्वास तोड़ दिया। मान लीजिए ये सब सही है लेकिन आप भूल रहे हैं कि यही वह आम आदमी पार्टी है, जिसने…
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जातीय लड़ाई में उलझता जा रहा है भारत का युवा
पुणे के भीमा-कोरेगांव से शुरू हुई जातीय हिंसा का असर महाराष्ट्र सहित पूरे देश में दिखने लगा है। सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं ने इस देश में सभी को चिंतित होने पर मजबूर किया है। इस जातीय संघर्ष का मुख्य कारण 200 साल पुराना इतिहास है, जिसपर दो जातीय समुदाय अपनी-अपनी गरिमा के लिये हिंसा…