एक लड़की राज्य के मुख्यमंत्री और सबसे ताकतवर नेताओं में से एक योगी आदित्यनाथ के पास गुहार लगाती है। आरोप है कि बीजेपी के एक […]
Category: नेशनल
ट्रोलिंग और पोस्टट्रुथ को क्रांति मानते हो तो आज के युवा हो तुम..!
आज राजनीतिक और सामाजिक विमर्श पोस्टट्रुथ और ट्रोलिंग के दहलीज पर पहुंच गए. और सबसे दिलचस्प ये है कि आज का युवा इसी राजीतिक विमर्श के बीच खुद को खड़ा पाता है
आंबेडकर का रंग चाहे जितना बदलो ‘असली वाला’ 2019 में दिखेगा
2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हालत पतली होने के बाद नरेंद्र मोदी ने खुद को विकास-पुरुष के रूप में प्रोजेक्ट किया। ऊपरी तौर […]
आखिर कैसा हो आज के समय के आंदोलनों का स्वरूप?
जातियों और समुदायों के बीच बढ़ रही खाई के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ हम हैं, ना की कोई सरकार, प्रशासन, पार्टी या नेता। हम खुद […]
क्या ममता दीदी, मोदी भइया का दिवाला निकालने में कामयाब हो जाएंगी?
नमस्कार मैं चकित पत्रकार! कुछ बातें हमारे कानों में चींटी की तरह हलती हैं और चुप्पी दाब के निकल जाती हैं. जब तक दिमाग कुछ […]
अन्ना हजारे का अनशन: इतिहास बनेंगे या इतिहास दोहराएंगे
अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन शुरू कर मोदी सरकार को ललकार दिया है. उनके अनुसार ये आंदोलन जनलोकपाल, किसानों की समस्याओं’ और चुनाव में सुधारों के लिए एक सत्याग्रह होगा
हरित क्रांति के नाम पर यूं कंपनियों के गुलाम बन गए किसान
देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान […]
धीरे-धीरे भरोसा हो रहा है कि पार्लियामेंट में डकैत ही होते हैं
इरफान खान की फिल्म सामने चल रही थी, फिल्म में डायलॉग आता है, ‘ बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पाल्लियामेंट में।’ पान […]
भक्तो! मजबूर तुम हो, बीजेपी और अमित शाह नहीं
विकल्पहीनता धीरे-धीरे निरंकुशता को जन्म देती है। भारतीय राजनीति में भी एक बार फिर से यह प्रासंगिक हो चला है। इंदिरा-संजय गांधी की जोड़ी के […]
किसान मार्च: जीते हमेशा गांधी हैं, गोडसे कभी नहीं जीत सकता
11 मार्च 2018 को प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बोलते हैं कि भारतीय राजनीति में सड़क के संघर्ष और धरना प्रदर्शनों की बहुत जगह नहीं […]