चंद्रशेखर ‘रावण’ को छोड़ना बीजेपी की चालाकी है या मूर्खता?

चंद्रशेखर रावण को तो आप जानते ही होंगे? वही भीम आर्मी वाले। वही भीम आर्मी जिसने दलितों को दम भरना सिखाना शुरू किया तो इसे […]

…तो मोदी और केसीआर का रिश्ता फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स वाला है?

के. चंद्रशेखर राव ने अपने राजनीतिक अनुभव और चालाकी के हिसाब से सबसे धांसू चाल चली है। फौरी तौर पर देखने से ऐसा लगता है […]

नोटबंदी के नए आंकड़े सड़ चुके सिस्टम की बानगी हैं!

8 नवंबर 2016 बहुत ही सुहाना दिन था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इतने शानदार दिन को इतिहास में अंग्रेजी और हिंदी के […]

विदेशी धरती पर देश की थू-थू कराने वाले मोदी और राहुल हैं विभीषण

राहुल गांधी जब कभी विदेश जाते हैं सुपर एक्टिव मोड में आ जाते हैं. देश में वे कई बार ऐसा लगता है कि भांग खाकर […]

क्या 2019 में ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री बनाएगी कांग्रेस?

जी हां! 2019 में एकबार फिर से भारत के प्रधानमंत्री का चुनाव होना संभावित है। चुनावी मेंढक फिर से जनता रूपी कीड़ों को अपनी लपेटू […]

बर्थडे स्पेशल: फुटबाल को शिखर पर लाने को बेताब सुनील छेत्री

‘हमें गालियां दो, आलोचना करो लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम को खेल देखने स्टेडियम में आओ’

यह तस्वीर हमारी असंवेदनशीलता का जीता-जागता स्मारक है!

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें एक लगभग बूढ़ा हो चूका व्यक्ति एक महिला को साइकिल पर ले जा रहा है तस्वीर देखकर कुछ लोग समझ रहे हैं कि महिला जिंदा है, व्यक्ति उसे इलाज के लिए ले जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि व्यक्ति साइकिल पर उस महिला की लाश लेकर जा रहा है।

आदिवासियों को देशविरोधी बताना उनके आत्मसम्मान पर चोट है

हमारे देश की जनसंख्या में लगभग आठ फीसदी से भी अधिक हिस्सा अनुसूचित जनजातियों का है। लगभग दस करोड़ की आबादी वाला यह समाज आज़ादी […]