Author: Rahman
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आदिवासियों को देशविरोधी बताना उनके आत्मसम्मान पर चोट है
हमारे देश की जनसंख्या में लगभग आठ फीसदी से भी अधिक हिस्सा अनुसूचित जनजातियों का है। लगभग दस करोड़ की आबादी वाला यह समाज आज़ादी के इतने दशकों बाद भी अपने अधिकारो को लेकर संघर्षरत है। उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ भारतीयता की भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। ये हाल तब हैं जब संविधान…
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भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इतना चुनौतीपूर्ण क्यों?
किसी भी देश के नागरिक का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य हमारे जीवन के अनमोल पहलुओं में से एक है। जिस देश के नागरिक जितना स्वस्थ होगें वह उतना ही देश के विकास में अपना योगदान दें सकेंगे लेकिन जो स्थिति है वह बेहद भयावह है। कुछ साल पहले हमारे यहां हैजा, डायरिया, मलेरिया,…
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जल संरक्षण समय की जरूरत
जल ही जीवन है। यह बात कई दशकों से हम कहते एवम सुनते आ रहे हैं। जल हमें प्रकृति से एक उपहार के रूप में मिला है। पृथ्वी का तीन चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है 30 फिर भी आज स्वच्छ जल की उपलब्धता एवम पानी का लगातार गिरता स्तर भारत सहित वैश्विक स्तर…
