Category: पॉलिटिकल लव
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पॉलिटिकल लव: चुनाव में जो ‘हुआ सो हुआ’, अब प्यार करो
क्या बात है कहाँ गायब हो आजकल? कहीं नहीं बस चुनाव में लगा हुआ था। अच्छा चुनाव के चक्कर में महबूबा को भूल गए? अरे ऐसा नहीं है, बस सोचा थोड़ा देख लूं। हां-हां देख लो, 23 के बाद मैं ही काम आऊंगी कोई नेता नहीं। हां वो तो जानता हूँ मेरी जान। मेरा तो…
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पॉलिटिकल लव: सैंया गए तेल लेने आओ हम-तुम इश्क लड़ाएं
तुम कोई भी फैसला सुना देती हो। सही फैसला ही सुनाती हूँ मैं। तुम न वही फैसले सुनाया करो जिनका पालन हो सके। अच्छा तो मैं तुम्हारी गुलाम बन जाऊं! नहीं-नहीं तुम स्वंत्रत हो एकदम। अच्छा लेकिन लग नहीं रहा है। मैं तुम से बात नहीं करूंगी। क्यों क्या हुआ मेरी जान? तुम हर बात…
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पॉलिटिकल लव: प्यार का ‘आधार’ मजबूत हो तो राम दिखते ही हैं!
तुम दाल बना लेती हो? हां बना लेती हूँ, क्या हुआ बताओ? हुआ कुछ नहीं, बस बाल मत कटवाना। अच्छा तुम्हें भी गुजरात वाली आंटी सलाह दी हैं क्या? हां वो मम्मी से बोल रही थी ये सब। हां तो गुजरात वाली आंटी से बोल वो अपना घर देखें। तुम किस गाय का दूध…
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पॉलिटिकल लव: प्यार करो, नागपुर वालों की तरह बदलो मत
यार एक बात बताओ नागपुर वाले फूफा को हुआ क्या है? मुझे तो लग रहा है कोई कागज बदल दिया है। हां लेकिन वो नागपुर वाले दादा की किताब भी बदल दिए हैं। अच्छा लगता है कुछ अलग सोच रहे हैं फूफा। अलग का तो पता नहीं पर 2019 का जरूर सोच रहे हैं। …
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पॉलिटिकल लव: पेट्रोल के दाम सताएं तो कैलास चले जाओ
यार शादी के लिए कुछ सोचा है तुमने? क्या सोचना है कर लेंगे वक़्त आने पर। अच्छा अगर घर वाले नहीं माने तो? महाराष्ट्र वाले चाचा से मदद ले लेंगे। अच्छा ये बात नागपुर वाले फूफा को पता लगी न तो चाचा की खैर नहीं। अरे फूफा इन सब को कुछ नहीं बोलते बस सुनते…
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पॉलिटिकल लव: इश्क का बत्तख बाढ़ में उतारो पिया
यार यहाँ साँस लेने में दिक्कत हो रही है। अच्छा जाओ बतख वाले तालाब में। ठीक है असम की टिकट कराओ फिर। क्यों तुम्हारे यहाँ बतख नहीं है क्या ? बतख तो है पर ऑक्सीजन वाली सिर्फ असम में ही मिलेगी। तुम्हें एक बात बताएं GDP के बारे में। हां बताओ मेरी जान क्या…
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पॉलिटिकल लव: सैंया रूठो मगर दुश्मन के दर न जाओ
तुम कोई फोटो क्यों नहीं खिंचवाते हो? अरे हमें पसंद नहीं है ये सब। अच्छा जी फिर फोटोग्राफी डे पर क्या डालोगे एफबी पर? तुम्हारे कार्ड की फोटो डाल देंगे। अच्छा जी, कुछ तो लोग कहेंगे! बाबा, लोगों का काम है कहना। तुम मुझे नाराज कर दिए हो। अरे बाबा किस बात से नाराज हो…
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पॉलिटिकल लव: प्यार की साइकिल जरा धीरे चलाओ पिया
तुम साइकिल चला लेते हो ? अरे बाबा मैं कहां चला पाता हूं, और तुम? मेरा भी तुम्हारे वाला हाल है। चलो सही है जिसको चलानी आती है वो भी तो गिर रहा है। अरे वो तो कुछ ज्यादा ही ‘तेज’ है इसलिए गिर गए। अच्छा जी तुम भी कोई कम तेज नहीं हो सब…
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पॉलिटिकल लव: वॉट्सऐप से आप भी तो नहीं बन रहे ‘लिंच पुजारी’?
तुम जयपुर आए थे? हां आया तो था सोचा तुम से मिल कर जाऊंगा। अच्छा क्या पहन कर आए थे जी? अरे वो काला कुर्ता और ब्लैक जीन्स पहन कर आए थे। अच्छा मिलने आए थे जयपुर या किसी का विरोध करने? करने तो दोनों आए थे, हुआ एक भी नहीं। तुम्हारे पास बेल…
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पॉलिटिकल लव: हेलो फ्रेंड्स, पासपोर्ट बनवा लो
भूख लगी है बहुत जोर से। कुछ खा क्यों नहीं लेते फिर तुम! अरे बेबी पैसे ही नहीं है। अच्छा मैंने तो सुना था सबका 50% बढ़ा था। अरे सबका कहां, बस स्विसवालों का ही बढ़ा है। अच्छा तो अब 15 का 30 लाख मिलेगा न? वो क्यों जानेमन? अरे अब ज्यादा काला धन वापस…