Category: राजनीति
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अटल बिहारी वाजपेयी: राजनीति का एक अमर अजातशत्रु
अटल बिहारी वाजपेयी, अगर मैं कहूं कि नाम ही काफी है, तो सच नाम ही काफी है मेरे लिए. मेरा कोई नायक नहीं है जिससे प्रेरणा लेकर कुछ करने का हौंसला मिलता हो. ऐसा नहीं है कि कोई नायक नहीं है, दरअसल ये समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं. नब्बे के दशक में…
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नरेन्द्र मोदी आज भी केजरीवाल से असुरक्षित महसूस करते हैं?
आज दिल्ली मेट्रो की एक और लाइन शुरू हो रही है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मेट्रो “एक धक्का और दो” करने नोएडा पहुँच रहे हैं। अपने मफलरमैन भाई इदर पड़ोसी ‘राज्य’ के सीएम कहे जाते हैं। नोएडा में इस लाइन के कुछ ही स्टेशन पड़ते हैं लेकिन इसका उद्घाटन दिल्ली की…
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क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिए हैं?
गुजरात-हिमाचल विधानसभा के नतीजे सामने आ चुके हैं और दोनों ही जगह जीत भारतीय जनता पार्टी की हुई है, इस जीत पर उन्हें बधाई। आज कांग्रेस के लिए दो मौके ऐसे भी आए, जिससे उन्हें शायद जरूर ही खुशी मिली होगी। पहला वो सुबह का एक घंटा जिसमे कांग्रेस ने बढ़त बनाने के साथ-साथ भारतीय…
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ज़िंदा क़ौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं
नहीं पता कि नौजवान पीढ़ी लोहिया को कितना जानती है। ये भी नहीं पता की 90 के दशक या उसके बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी जिसने समाजिक मूल्यों के हर पहलू में गिरावट देखी हो, वो लोहिया को कैसे याद करती है। करती भी है या नहीं इसमें सन्देह है। समाज को आईना दिखाने वाली…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं
तुम भी भारतीय रेल हो गए हो अरे क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो? जब देखो जब तुम्हारी हालत खस्ता ही नजर आती है. हाहाहा, कहो तो वास्कोडिगामा बन जाऊं रहने दो आज वो भी पटरी से उतर गए. अच्छा तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? उतना ही जितना पाकिस्तान हाफिज सईद से, यानी…
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यक्ष प्रश्न: जांच सीडी की होनी चाहिए या विनोद वर्मा की?
पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता बड़ा पुराना रहा है यह हम बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। दोनों हॉरलिक्स और बॉर्नवीटा की तरह समकालीन रही हैं और समय-समय पर अपनी जात दिखाती रहीं हैं। पहले के विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों की बातूनी भाषा में पत्रकारिता और राजनीति के बारे में बड़े शुद्ध विचार रहे थे।…
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गुजरात चुनाव: क्या विकास सच में बौराएगा?
बेइमानी करके ही सही, मेरा मतलब है जहांपनाह के सजदे में सर झुकाते हुए केचुआ यानि केंद्रीय चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। गुजरात की 182 सीटों पर दो चरणों में मतदान की घोषणा की गई। पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर (89 विधानसभा सीटों के लिए) जबकि दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर (93 विधानसभा सीटों के लिए) को होगा। राजनीतिक धुरंधर इसे 2019 लोकसभा…
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सीएजी का भी राजनैतिक लाभ लिया जाता है
जब संवैधानिक संस्थाओ की बात चले तो हमेशा सीएजी (COMPTROLLER AND AUDITOR GENRERAL) का ज़िक्र ही कम होता है। हम लोग भी इतनी महत्वपूर्ण संस्था पर ध्यान नहीं देते हैं। सीएजी की स्थापना 1948 में की गई थी और शुरू से ही इसे बिलकुल स्वतंत्र रखा गया ताकि आर्थिक अनियमितताओं को रोका जा सके और…
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भगोड़े बने थे भाजपाई अब हालत धोबी के कुत्ते जैसी
राजनीति में दल बदलना कोई बड़ी बात नहीं। पिछले साल से तो यह अब हर विधानसभा चुनाव में देखने को मिल जाता है। यहां वो कहावत बड़ी फिट बैठती है ‘जहां खीर वहीं फिर’ पर कभी कभार ऐसे लोगों की हालत धोबी के कुत्ते जैसी हो जाती है यानी न घर का, न घाट का।…
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कश्मीर को जोड़ने वाली डोर अब सड़ रही है!
कश्मीर में उग्रवाद, उन्माद, कट्टरवाद, पहले से नहीं रहा है। कश्मीर में कई सूफी संस्कृतियां पैदा हुईं हैं। कश्मीर सूफी, संतो का स्थल था। वहां विभिन्न धर्मों के प्रचारक, विचारक शांति के लिए जाते थे। राजतरंगिणी में कल्हड़ ने एक बार कहा था कि कश्मीर के लोग पुष्प की तरह कोमल होते है। 1953 में…