Category: राजनीति
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भक्तो! मजबूर तुम हो, बीजेपी और अमित शाह नहीं
विकल्पहीनता धीरे-धीरे निरंकुशता को जन्म देती है। भारतीय राजनीति में भी एक बार फिर से यह प्रासंगिक हो चला है। इंदिरा-संजय गांधी की जोड़ी के बाद अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी हर जगह वही करती है, जो वो चाहती है। इंदिरा ने भी संगठन में खुद से बड़ा किसी को बनने नहीं…
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बिना बात के बोलने वाले PM मोदी, SSC घोटाले पर म्यूट क्यों हो गए हैं?
जब संस्थाओं का मानवीयकरण होता है तो उसकी प्रशंसा और अनुशंसा दोनों इंसानों की तरह होने लगती है. फिर जिन प्रक्रियाओं से इंसान गुजरता है उन्हीं प्रक्रियाओं से संस्थाओं को भी गुजरना पड़ता है. 13 दिनों से अनवरत प्रदर्शन रत छात्रों ने हाल में ही एसएससी की विधिविधान तेरहवीं मनाई. तेरहवीं किसी की अंत्येष्टि के…
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त्रिपुरा में ढहा लाल दुर्ग, चुनावी रिंगमास्टर बने अमित शाह
भाजपा ने त्रिपुरा में वाम की ढाई दशक साल पुरानी सरकार से सत्ता छीन ली है। कई अन्य राज्यों की तरह यहां पर भी कांग्रेस का सफाया हो गया है। बीजेपी दो तिहाई सीट लेकर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
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क्या सिर्फ मोदी से सवाल पूछकर राहुल गांधी पीएम बन जाएंगे?
पिछले साल अमेरिका से आने के बाद राहुल गांधी देश के एक प्रखर वक्ता के रूप में उभरे हैं। उनकी भाषण कला में अचानक से बदलाव आया है। जिस कारण लोग उन्हें सुनने भी लगे हैं। राजनीति में भाषण कला को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय सियासत में कभी अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बेबाक वक्ता…
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वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया नहीं हुआ, विगत वर्षों में मनाए गए गणतंत्र दिवस में और आज 69वें गणतंत्र दिवस पर, कुछ बदलता भी है तो वह है गिनती, 68वां मनाया था, 69वां मना रहे हैं और 70वां मनाएंगे, सुबह…
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20 विकेट गिरने के बाद ‘आप’ का क्या होगा केजरीवाल?
आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को शुक्रवार को आफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। ऐसे में उन्ही के पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। उन्होंने वही काम किया जिसके लिए उनकी पार्टी प्रसिद्ध है। ‘आप’ ने एक और आरोप जड़ दिया। सौरभ भारद्वाज…
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आखिर इतनी देर से क्यों जागा सुप्रीम कोर्ट?
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बहुत पहले एक फैसला सुनाते हुए गालिब का एक शेर कहा था कि, मरते हैं आरजू में मरने की, मौत आती है पर नहीं आती! दरअसल, काटजू एक ऐसे केस पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें याचिकाककर्ता ने…
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जनता तो आम आदमी पार्टी को पहले ही एक ‘पार्टी’ मान चुकी है
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम जैसे ही सामने आए, लगभग सभी आलोचना करने लगे और बोलना शुरू कर दिया कि आम आदमी पार्टी खत्म हो गई, उसने लोगों का विश्वास तोड़ दिया। मान लीजिए ये सब सही है लेकिन आप भूल रहे हैं कि यही वह आम आदमी पार्टी है, जिसने…
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तो क्या केजरीवाल ने इस बार रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी?
मैं खुद आम आदमी पार्टी को उसके जन्म से जानता हूं, समझता हूं और काफी हद तक सहानुभूति रखता ‘था’। जी हां, रखता था। यह कहना है कई सारे ‘आप’ वालंटियर्स का। बुधवार को दिल्ली की 3 राज्यसभा की सीटों के लिए आम आदमी पार्टी यानी अरविंद केजरीवाल ने संजय सिंह (आप प्रवक्ता), सुशील गुप्ता…
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तमिल राजनीति में शुरू होगा ‘थलाइवा’ का ‘सियासी शो’
सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा कर दी है. जयललिता के रहते एकदम शांत और एकछत्र राज के तहत चल रहा तमिलनाडु जयललिता की मौत के बाद से एकदम अशांत हो चला था. पहले शशिकला का खुद को उनकी असली उत्तराधिकारी बताकर पार्टी और सरकार पर कब्जा और फिर नाटकीय रूप…