एक लड़की है, जो फ़ेसबुक पर अपना फ़ोटो डालती है और फिर उस पर प्रतिक्रयाओं का इंतज़ार करती है. अब उसकी ख़ुशी-नाख़ुशी उस फ़ोटो पर […]
Category: सोशलपुर
अच्छे काम अगर भोंपू बजाकर भी हों तो ‘काम अच्छे हैं’
पब्लिसिटी जरूरी है अगर आप किसी भूखे हो खाना खिलाते हैं….किसी जरूरत मंद के लिए खड़े होते हैं…कोई आंदोलन कर रहे हैं….किसी को खून देने गए हैं….किसी के लिए लड़ रहे हैं….किसी को सुधार रहे हैं…..अगर सफाई भी कर रहे हैं…
आरे के बहाने: जंगल बचाने की लड़ाई इतनी सिलेक्टिव क्यों है?
सुप्रीम कोर्ट ने आरे जंगल में पेड़ काटने पर फिलहाल रोक लगा दी है। लेकिन यह कोई खुश होने वाली खबर नहीं है। आरे में […]
हरियाणा में कांग्रेस का सीएम बनता है तो नाम ‘B’ से ही होता है
क्या यह महज एक संयोग है कि हरियाणा में कांग्रेस का मुख्यमंत्री हमेशा अंग्रेजी वर्णमाला के ‘बी’ अक्षर से शुरू होने वाले नाम का व्यक्ति […]
यह प्यार नहीं बाबू, वेल प्लान्ड फ्यूचर इन्वेस्टमेंट है!
साल 2010 की बात है। तब पर्सनल फोन का चलन नहीं हुआ करता था। घर में इकलौता नोकिया का सेट था, जो पूरे दिन मोबाइल […]
आज के दौर में आरडीएक्स रखने से ज्यादा खतरा गाय रखने में है
21 जुलाई 2018. राजस्थान का अलवर जिले में 28 साल के रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. भीड़ को शक था कि वह […]
नेताओ, देशभक्ति का मतलब मजबूरी नहीं आजादी होना चाहिए
एक बात बताऊं सर आपको? आप मजबूर कर रहे हैं, लोगों को यह मानने के लिए कि वे देशभक्त बनें लेकिन उन्हें देशभक्त नहीं बनना […]