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बिहार में नीतीश कुमार को चांपने की तैयारी में है BJP?

बिहार में चुनावी चांपाचांपी जोरों पर है. हर दिन नेता लोग पार्टी बदल रहे हैं. गठबंधन पर गठबंधन बन रहे हैं. अभी तक नीतीश कुमार के पीछे खड़ी दिख रही बीजेपी ने भी इस बार बड़ा दांव खेला है. पहले तो बीजेपी ने बराबर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. दूसरी बात कि उसने चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी के बहाने बड़ा गेम सेट किया है.

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बिहार में विधानसभा की कुल सीटे हैं 243. मतलब सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को 122 सीटें जीतनी हैं. एलजेपी लगातार कह रही है कि उसे नीतीश कुमार का नेतृत्व मंजूर नहीं है. लंबे समय से उसकी मांग है कि गठबंधन में उसे 70 से 80 सीटें दी जाएं. यह मांग ना तो बीजेपी को मंजूर है ना नीतीश को. लेकिन मजे की बात यह है कि चिराग पासवान का विरोध बीजेपी से नहीं, सिर्फ जेडीयू से है.

अपना सीएम बनाने की तैयारी में बीजेपी?

अब चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी पार्टी बीजेपी के खिलाफ तो उम्मीदवार नहीं उतारेगी लेकिन जेडीयू के खिलाफ जरूर उतारेगी. इसमें एलजेपी जीते चाहे न जीते, बीजेपी का फायदा जरूर होगा. बीजेपी की पूरी कोशिश है कि वह इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे. अगर ऐसा होता है और एनडीए की जीत होती है, तो वह अपना सीएम बनाने का दावा करेगी. बड़ी पार्टी होने के नाते उसका यह दावा उचित भी होगा.

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अबकी फंस जाएंगे नीतीश कुमार?

इसी गेम को सेट करने के लिए उसने अपना रास्ता तो साफ रखा है लेकिन नीतीश कुमार को फंसा दिया है. जहां-जहां एलजेपी और जेडीयू का मुकाबला होगा, उसमें कुछ सीटें जरूर ऐसी हैं, जहां जेडीयू को मुश्किल हो सकती है. हो सकता है कि वहां विपक्ष की जीत हो जाए. इस स्थिति में जेडीयू तो कहीं की नहीं रहेगी और बीजेपी अपनी सीटों पर सुरक्षित रहेगी.

चिराग पासवान के दोनों हाथों में लड्डू!

बीजेपी ने महाराष्ट्र का हाल देखते हुए चिराग पासवान को खुला खेलने की परमिशन दे दी है, जिससे नीतीश कुमार और उनकी पार्टी को समेटा जा सके. यह भी हो सकता है कि चुनाव के बाद अगर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई तो वह नीतीश कुमार को किनारे करके बाकी छोटे दलों को समाहित करके सरकार बनाने की कोशिश करे. वहीं, फिलहाल सिर्फ दो सीटों पर सिमटी एलजेपी जितना भी आगे बढ़ती है, उसके लिए फायदे का ही सौदा होगा.

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2025 की तैयारी कर रही एलजेपी

इस सबमें नुकसान सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार और उनकी पार्टी का ही है. पार्टी में एकमात्र चेहरे के रूप में सत्ता संभाल रहे नीतीश कुमार के लिए यह चुनाव आखिरी भी कहा जा रहा है. ऐसे में बीजेपी को पूरी कोशिश है कि साथ रहने के बावजूद नीतीश कुमार की राजनीति एक झटके में यहीं से खत्म कर दी जाए. वहीं, एलजेपी के लिए खोने को कुछ नहीं है. खुद राम विलास पासवान ने भी 2025 के चुनाव की तैयारी की बात कही थी.

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