क्या राहुल गांधी कभी पीएम मटीरियल लगते हैं?

कांग्रेस भारत की सबसे पुरानी पार्टी है और लगातार कई दशकों तक सत्ता में रही है। वर्तमान में कांग्रेस की कमान उसके ‘युवराज’ राहुल गांधी के हाथों में आ चुकी है। इस बात पर कई बार अलग-अलग कयास लगते रहे हैं कि राहुल कभी पार्टी अध्यक्ष या प्रधानमंत्री बन पाएंगे या नहीं। राहुल के प्रधानमंत्री बनने की बात इसलिए उठती है कि वह देश की सबसे बड़ी पार्टी रह चुकी कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष हैं और उनके परिवार के तीन लोग प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

 

वर्तमान में भारत की सत्ता संभाल रही बीजेपी कभी दोयम दर्जे की पार्टी भी नहीं हुआ करती थी लेकिन उसने मेहनत की और देश की बागडोर अपने हाथ में ली। वहीं सत्ता से बेदखल हो चुकी कांग्रेस की ओर से वापसी के लिए उस लेवल की मेहनत कभी नहीं दिखती है। इसका सबसे बड़ा जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। अगर हम 2014 से दो-तीन साल पहले का वक्त याद करें तो उस समय अखबारों, टीवी चैनलों और जगहों पर चर्चा का मुख्य केंद्र नरेंद्र मोदी और बीजेपी थे। अगर 2019 में लोकसभा चुनाव हों तो अब एक साल से भी कम समय बचा है लेकिन अभी भी कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही है कि चुनाव कैसे और किसपर लड़ना है, इसका जिम्मेदार भी कोई और नहीं बल्कि राहुल गांधी ही हैं।

 

2019 के लिए सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मोदी उद्धाटन और शिलान्यास के बहाने रैलियां करने लगे हैं। यूपी में मायावती और अखिलेश सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा कर रहे हैं। हरियाणा में मायावती ने इंडियल नैशनल लोकदल से गठबंधन कर लिया है। बिहार में तेजस्वी ने नीतीश और बीजेपी के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला हुआ है। महाराष्ट्र में शरद पवार ने कांग्रेस के साथ लड़ने का मन बना लिया है। इन सबमें अगर कहीं कोई गायब या महत्वहीन दिख रहा है तो वह राहुल गांधी हैं।

 

बीच-बीच में राहुल गांधी की ग्रूमिंग की जाती है। वह आते हैं, लोगों के बीच जाने की कोशिश करते हैं। एक-कार्यक्रम करते हैं फिर गायब हो जाते हैं। राहुल में कभी इंदिरा या राजीव गांधी की कोई छवि नहीं दिखती। न ही राहुल के अंदर वह लीडरशिप दिखती है जो सोनिया गांधी के अंदर रही, जिससे उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को राजनीति से संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया।

 

शायद ना चाहते हुए भी राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए हों और राजनीति में उनका मन नहीं लगता हो। अगर लगता भी हो तो उनके क्रियाकलापों से तो वह कभी भी प्रधानमंत्री टाइम मटीरियल तो नहीं ही लगते।

इस लेखक के और लेख

पुण्यतिथि: तमस के बहाने भीष्म साहनी का स्मरण

आदिवासियों को देशविरोधी बताना उनके आत्मसम्मान पर चोट है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारा Youtube चैनल

पुराना चिट्ठा यहां मिलेगा

June 2026
S M T W T F S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930