भारत के लिए शांति, पाकिस्तान के लिए परमाणु बम है प्राथमिकता

अगर हम गौर करें तो पाकिस्तान के साथ भारत का रुख बंटवारे के बाद से एक जैसा रहा है. जब कांग्रेस की सरकार रही तब भी, जब गैर कांग्रेसियों की रही तब भी. मनमोहन सिंह भी पाकिस्तान के लिए उतने ही बुरे थे, जितने नरेंद्र मोदी हैं.

कैसे संभलेगी कश्मीर की नैया राज्यपाल भरोसे

वोहरा को संभालने के लिए बिगड़ैल हाथी मिला है जो तांडव करने को आतुर है. वोहरा कैसे महावत साबित होंगे यह आने वाले दिनों में ही पता चल सकता है.

देश का ऐसा कोना जहां न जवान सुरक्षित हैं न पत्रकार

शनिवार को भारत में ईद है. कश्मीर में भी क्योंकि कश्मीर देश से बाहर नहीं है. आतंकी भी इस पाक महीने में रोजा रखते हैं […]

कश्मीर को जोड़ने वाली डोर अब सड़ रही है!

कश्मीर में उग्रवाद, उन्माद, कट्टरवाद, पहले से नहीं रहा है। कश्मीर में कई सूफी संस्कृतियां पैदा हुईं हैं। कश्मीर सूफी, संतो का स्थल था। वहां […]