आज कल न तुम बातों में बड़ी कांट-छांट करने लगे हो, मेरे महबूब हो या सेंसर बोर्ड? अरे ऐसे न…
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पॉलिटिकल लव: कृषि प्रधान प्यार
चलो अपने प्यार को भी देश की तरह कृषि प्रधान बनाते हैं, क्यों प्यार में गोली मारने का इरादा है…
पॉलिटिकल लव: आओ विपक्ष की तरह एक हो जाएं
तुम गुस्सा हो क्या आज कल? लगता है हमारे रिश्ते में दरार आ गयी। क्यों तुम भी लालू की तरह…
पॉलिटिकल लव 2: ख़बर या प्यार
देखो न आज कुछ खत्म हो रहा है. अरे क्या खत्म हो रहा है? वही अपने मिलने की जगह बुक…
ख़बर प्यार की नज़र से
ख़बर को समझना हो तो प्यार की नज़र से समझो जैसे ऐसे, क्या बात है आज कल तुम खाली फ़ोन…