दिल्ली के बाद सुधरेगी भाजपा? या गुजरेगी भाजपा?

दिल्ली विधानसभा चुनाव को भाजपा (BJP) और अमित शाह ने सम्मान की लड़ाई बना दिया। इसके बावजूद वह कुछ खास नहीं कर सकी। जहां अरविंद […]

केजरीवाल जी, अब जनता से चंदा मांगकर प्रशांत किशोर को देंगे?

आम आदमी पार्टी। खुद को गरीब बताने वाली पार्टी अब पैसे देकर प्रचार करवाएगी। 2013 और 2015 में ‘आप’ के कार्यकर्ता उसकी ताकत थे। सड़क […]

महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?

छल, कपट, प्रपंच और संभावित धोखा! वर्तमान में राजनीति का यह स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। कपट हर किसी के मन में […]

मोदी जी! टॉयलेट, अस्पताल, स्कूल…अर्थव्यवस्था..कुछ न चंगा सी

जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.

सिर पर हैं चुनाव, फ्लाइट मोड में क्यों है कांग्रेस हाई कमान?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की इन चुनावों में क्या भूमिका होने वाली है, किसी को कानों-कान खबर नहीं है। प्रियंका गांधी का पूरा ध्यान यूपी पर है सोनिया गांधी का पी चिदंबरम पर।

महाराष्ट्र: अमित शाह को ‘सहयोगी’ आदित्य ठाकरे ही मात दे देंगे?

शिवसेना के बनने के वक्त से ही बाल ठाकरे ने खुद को सत्ता को चलाने वालों का मालिक बनाए रखा। पीढ़ी बदली, रवैया बदला और […]

जब अरुण जेटली ने 4 रुपये में रजत शर्मा पर कर्ज लाद दिया

बीजेपी ने आज फिर से एक बड़े नेता को खो दिया। बीजेपी के लिए पहले सुषमा स्वराज का जाना फिर अरुण जेटली का लम्बी बीमारी […]

माहौल देखते हुए राम मंदिर पर फैसले के मूड में सुप्रीम कोर्ट

लोकतंत्र एक अच्छी व्यवस्था है। बहुत तगड़े बहुमत वाला लोकतंत्र एक बुरी व्यवस्था है। क्योंकि फिर वह लोकतंत्र नहीं कुछ चुने हुए लोगों का तंत्र […]

कुलदीप सिंह सेंगर को बीजेपी ने आखिर कब निलंबित कर दिया?

उन्नाव गैंगरेप मामले को सामने आए लगभग दो साल होने को हैं। रेप मामले में सीबीआई जांच चल रही है, आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के […]

राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर मजबूत हो गए हैं

राहुल गांधी इस्तीफा देकर कांग्रेस के लिए ज्यादा बेहतर काम कर सकते हैं. यह बात जगजाहिर है कि वे चाहे कांग्रेस के अध्यक्ष रहें या न रहें, कांग्रेस का हर महत्वपूर्ण फैसला उनकी नजरों से होकर ही गुजरेगा. उनकी मर्जी के खिलाफ पार्टी में कुछ नहीं होगा.