बिहार परिवहन: जाति की गाड़ी और ‘सुशासन’ का पहिया

आजादी के इतने सालों के बाद भी व्यवस्था लाख दावे करे लेकिन वह जाति व्यवस्था को कमजोर नहीं कर सकी है। अगर दूसरे शब्दों में […]

तलाक से UV/PV बटोरते संपादक पत्रकारिता की कब्र खोद रहे हैं

तीन नवंबर 2018 को अचानक से खबर मोबाइल की स्क्रीन पर फ्लैश हुई कि शादी के 6 महीने के भीतर ही तेजप्रताप ने अपनी पत्नी […]

बिना बात के बोलने वाले PM मोदी, SSC घोटाले पर म्यूट क्यों हो गए हैं?

जब संस्थाओं का मानवीयकरण होता है तो उसकी प्रशंसा और अनुशंसा दोनों इंसानों की तरह होने लगती है. फिर जिन प्रक्रियाओं से इंसान गुजरता है […]