सरकारें और पार्टियां हैं खिलाड़ी, फुटबॉल बनकर रह गई है CBI

केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई. इस संस्था का नाम है. मतलब एकदम भौकाल ही है. अकसर बड़े-बड़े मामलों में मांग की जाती है CBI से जांच […]

सुशांत, हाथरस केस: जांच में देरी से मीडिया को मिलते हैं मौके

पिछले कुछ महीनों में मीडिया रूपी गिद्ध को दो मामले मिले. इन दो मामलों ने मीडिया को टीआरपी रूपी संजीवनी दी. सिर्फ किम जोंग और […]

भारत में मजाक भर बनकर रह गई हैं सीबीआई जैसी संस्थाएं?

किसी भी देश या प्रदेश में कानून जरूर होता है. इसी कानून का पालन कराने के लिए सीबीआई जैसी तमाम संस्थाएं बनाई जाती हैं. कानून […]

कोर्ट ‘निर्दोष’ साबित करता रहेगा तो दोषी को कौन ढूंढेगा?

हमारा कानून इस सिद्धांत पर चलता है कि चाहे 100 दोषी छूट जाएं लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। इस सिद्धांत पर ही […]

जस्टिस लोया पर क्या कहती है कोर्ट की चुप्पी?

लोकतंत्र के तीन स्तंभ हैं, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। संविधान ने इन्हें इस तरह से गढ़ा है कि वे एक दूसरे की आलोचना कर सकते […]