महाराष्ट्र में छल-कपट का प्रहसन जारी है, परदा कब गिरेगा?

छल, कपट, प्रपंच और संभावित धोखा! वर्तमान में राजनीति का यह स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। कपट हर किसी के मन में […]

गांधी की नजरों में सबसे बड़े भिक्षुक क्यों थे मदन मोहन मालवीय?

विश्वविद्याल की नींव डालने की तैयारी चल रही थी। तत्कालीन भारत में महामना कहे जाने वाले शिक्षाविद, वकील, नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मदन मोहन […]

किसान मार्च: जीते हमेशा गांधी हैं, गोडसे कभी नहीं जीत सकता

11 मार्च 2018 को प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बोलते हैं कि भारतीय राजनीति में सड़क के संघर्ष और धरना प्रदर्शनों की बहुत जगह नहीं […]

मूर्तियां तोड़ने/बनाने से विचारधारा खत्म/स्थापित हो जाती है?

त्रिपुरा में लेफ्ट और राइट की लड़ाई के कुछ प्रत्याशित परिणाम नजर आने लगे हैं। पहले बीजेपी नेता हेमंत बिस्व शर्मा ने त्रिपुरा के पूर्व […]

गांधी को पूजना आसान है, उनके रास्ते पर चलना बेहद मुश्किल

भारत का एक वर्ग बिना परिस्थितियों की जटिलता और सच्चाई को समझे महात्मा गांधी को ही भारत-पाकिस्तान विभाजन का कारण मानता है और मानता रहेगा। […]