Tag: Ghazal
-

अग्नि वर्षा है तो है हां बर्फ़बारी है तो है
दुष्यंत चले गए. उनकी ग़ज़लें अमर हैं. जिन्होंने दुष्यंत कुमार को नहीं देखा, वे एहतराम साहब से मिल सकते हैं. एहतराम इस्लाम, हिंदी ग़ज़ल के चर्चित चेहरे हैं. देश भर लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी ग़ज़लें प्रकाशित हो गई हैं. ग़ज़ल में हिंदी का जैसा प्रयोग एहतराम साहब ने किया है वैसा कहीं और…
-

नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा
नज़र आता है डर ही डर, तेरे घर-बार में अम्मा नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा. यहाँ तो कोई भी रिश्ता नहीं विश्वास के क़ाबिल सिसकती हैं मेरी साँसें, बहुत डरता है मेरा दिल, समझ आता नहीं ये क्या छुपा है प्यार में अम्मा नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा. मुझे…