अपराधों पर पुलिसिया ढिलाई और आरोपियों के पक्ष में खड़े ट्रोल

शायद वह जमाना चला गया, जब दमन की किसी घटना पर जनता सड़क पर उतर आती थी। हाथरस में गैंगरेप/हत्या का मामला भी कुछ ऐसा […]

ट्रोलिंग और पोस्टट्रुथ को क्रांति मानते हो तो आज के युवा हो तुम..!

आज राजनीतिक और सामाजिक विमर्श पोस्टट्रुथ और ट्रोलिंग के दहलीज पर पहुंच गए. और सबसे दिलचस्प ये है कि आज का युवा इसी राजीतिक विमर्श के बीच खुद को खड़ा पाता है