तुम्हें पता है भगवान का गूगल कौन था? अरे बाबा उस टाइम तो इंटरनेट ही नहीं था तो गूगल कौन होगा! तुम्हें कुछ नहीं पता […]
Month: April 2018
किस्सा: मरते-मरते लाला ने ऐसा क्या किया जो गांव भर पहुंच गए जेल
किसी गांव में एक मुंशी रहता था, नाम था खटेसर लाल। बहुत धूर्त और काइंया किस्म का आदमी था। जितनी भद्दी शक्ल उतनी ही बुरी […]
कविताईः ‘जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’
ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ कवियों में गिने जाते हैं। राष्ट्रीय चेतना से भरपूर उनकी रचनाएं आज भी साहित्य-प्रेमियों […]
पॉलिटिकल लव: 3 लाख फॉलोवर लाओ तब मेरे सामने टिक पाओगे
मैं भाषण देने लगा तो तुम 15 मिनट नहीं टिक पाओगी। अच्छा बिना पर्चे के बोलकर दिखाओ भाषण। बिना पर्चे के तो तुम भी नहीं […]
क्या गांधी के देश में विरोध का स्वरूप गांधी के विरोध की तरह है?
लोकतंत्र में विरोध होना जायज है। जब-तक जनता अपनी स्वस्थ मांगों को लेकर सरकार के सामने विरोध नहीं करेगी तब तक वह लोकतंत्र लगभग अधूरा रहेगा।और जब यह विरोध ख़त्म हो जाएगा तो वह लोकतंत्र तानाशाही में परिवर्तित होने लगेगी,लेकिन प्रश्न यह है कि विरोध का स्वरुप कैसा हो??
विराट कोहली सदर होते हुए भी धोनी के नायब ही हैं
तेज हुंकार और जोश-ओ-खरोश के साथ सेनापतियों को अपने सैनिकों को ऊर्जित करते हुए बहुत देखा-सुना है हम सबने। मगर एक सेनापति ऐसा भी है […]
फेसबुक को बाबा पसंद हैं
फेसबुक ने भारत के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री का खिताब योगी आदित्यनाथ को दिया है.
कैशलेस पर मोदीजी को बाहर से समर्थन दे रहे हैं ‘राष्ट्रवादी एटीएम’
देश कैशलेस की ओर बढ़ रहा है। मोदी जी का सपना कोई और नहीं खुद देशभर की गली-गली में लगे एटीएम पूरा कर रहे है। […]
मोदी जी गरीबी किताबों में पढ़ कर नहीं समझे हैं
मोदी जी युग पुरुष हैं. ऐसे युग पुरुष जिसके सामने कोई पांच मिनट नहीं टिक सकता राहुल गांधी के अलावा.
हम हिंदुस्तानी दरअसल चरसी हैं
हम हिंदुस्तानी दरअसल चरसी हैं. चरस, भांग, गांजा और अफीम भारत में प्रतिबंधित है. मतलब आप वैधानिक रूप से फूंक नहीं सकते. कहीं पब्लिक प्लेस […]