बिहार परिवहन: जाति की गाड़ी और ‘सुशासन’ का पहिया

आजादी के इतने सालों के बाद भी व्यवस्था लाख दावे करे लेकिन वह जाति व्यवस्था को कमजोर नहीं कर सकी है। अगर दूसरे शब्दों में […]

विकलांग को दिव्यांग कहने का समाज में कितना असर हुआ?

दिव्यांग शब्द सुनते ही हर किसी के मन में दया का भाव पैदा होता है। बड़ी तत्परता से लोग सहानुभूति दिखाने को आतुर हो जाते […]