Category: पॉलिटिकल लव
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पॉलिटिकल लव: हमारे विकास का मुद्दा चुनावी नहीं है
तुम लव लेटर रोटोमैक से लिखते हो क्या क्यों क्या हो गया जी हुआ कुछ नहीं बस तुम्हारे लेटर में काफी घोटाले नज़र आ रहे हैं.
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पॉलिटिकल लव: वैलेंटाइन, नागपुर और वॉरियर का कॉकटेल
चलो न वेलेंटाइन डे आ रहा है कहीं घूमने चलें, हां, चलो वहाँ चलते हैं जहाँ नफरत हो, क्यों वहाँ क्या करना जाकर ? हम वहाँ जाकर नफरत को प्यार में बदल देंगे, चलो फिर नागपुर चलते हैं पहले उन्हें बदलें। मुझे ना देश के लिए कुछ करना है, अच्छा तो आर्मी में शामिल हो…
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पॉलिटिकल लव: प्यार के बजट की समीक्षा
इस बार कहाँ जा रहे हो कासगंज जाने की सोच रहा हूँ क्यों तुमको भी अपनी रोटियां सेंकनी है वहाँ ! अरे बाबा बस वहाँ दुबारा प्यार भरना है
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार का बजट बनाते हैं!
प्यार के बजट का क्या सोचा तुमने, सोच लिया है बस प्यार का विकास ही विकास होगा
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पॉलिटिकल लव: हाफ पैंट पहनकर नागपुर ना पहुंच जाना
चलो इंदौर चलते हैं चलो लेकिन ध्यान देना कहीं नागपुर न पहुँच जाओ अरे, चिंता मत करो हम इंडिगो से नहीं जा रहे वैसे नागपुर भी बुरा नहीं अब तो वहाँ पैंट भी पहनने लगे हैं पैंट पहनने से विचार नहीं बदलते साहब! तुम मुझे क्या गिफ्ट करोगे? मैं तुम्हें भगवत गीता गिफ्ट करने की…
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पॉलिटिकल लव: प्यार का डेटा 500 रुपये में लीक ना कर देना
तुम बहुत चिलाती हो। तो क्या करू तुम्हारी हरकते ही ऐसी है। लगता है तुम्हारे स्पीकर पर भी बैन लगना पड़ेगा अरे जाओ मैं यूपी थोड़ी न हूं। मुझे न अपने घर की दीवारों पर रंग करवाना है। अरे, तुम तुरंत यूपी वाले बाबा से संपर्क करो। क्यों क्या खास है उनके पास? अरे, उनसे…
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पॉलिटिकल लव: क्या मेरा ‘विश्वास’ तोड़ दोगे?
तुम मेरे लिए कुछ नया कब करोगे? देखो, मैंने तुम्हारे लिए साल को नया कर दिया। चलो फिर न्यू ईयर गिफ्ट दो। अच्छा जी सब मैं ही करूँ? गिफ्ट तुम दो। तुम मेरे हर मेसैज का रिप्लाई करोगे ना? अरे हां बाबा मैं तुम्हारे गुड मॉर्निंग का भी रिप्लाई करूँगा। मुझे मेरे hmm का भी…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में क्या सिर्फ ओवरटाइम होता है?
तुम क्या करने वाली हो? मैं प्यार में कानून लाने वाली हूँ, देखो, कानून ऐसा लाना जो दोनों के लिए सही हो। अरे, तुम चिंता मत करो यूपी वाला हाल नहीं होगा। तुम ना प्यार में बड़े घोटाले करने लगे हो। हां, क्योंकि सुना है घोटाले वालों को सज़ा नहीं हो रही आजकल, लगता है…
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पॉलिटिकल लव: प्यार को सुप्रीम कोर्ट की तरह सीरियस लो
तुम इतने गोरे कैसे हो रहे हो? अरे घर पर रहने का यही फायदा है, मुझे लगा तुम भी मशरूम खाने लगे हो! अरे नहीं इतना पैसा नहीं है मेरे पास की 80 हज़ार का मशरूम खाऊं, अच्छा चलो फेयर हैंडसम लगा लेना, हमारा प्यार कैसा लगता है तुम्हें? बिल्कुल विकास की तरह. देखो, कहीं…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में ईवीएम जैसा बहाना मत बनाना
हमारे प्यार में कितनी बँधाएं हैं ना? कितनी भी हों राम मंदिर से कम ही हैं, वैसे राम मंदिर की बंधाएं दूर हो गई हैं, तुम भी क्या नागपुर वालों पर भरोसा कर लेती हो, तुम मेरा दिल कैसे जीतोगे? वैसे ही जैसे बीजेपी निकाय चुनाव जीतती है, देखो ईवीएम में कुछ गड़बड़ मत…