पॉलिटिकल लव: प्यार का डेटा 500 रुपये में लीक ना कर देना

तुम बहुत चिलाती हो।
तो क्या करू तुम्हारी हरकते ही ऐसी है।
लगता है तुम्हारे स्पीकर पर भी बैन लगना पड़ेगा
अरे जाओ मैं यूपी थोड़ी न हूं।

मुझे न अपने घर की दीवारों पर रंग करवाना है।
अरे, तुम तुरंत यूपी वाले बाबा से संपर्क करो।
क्यों क्या खास है उनके पास?
अरे, उनसे तेज कोई रंग नहीं कर सकता।
अच्छा लेकिन मुझे न भगवा रंग नहीं करवाना,
अरे, तुम न बड़ा सोचती हो बाबा रंग बदलने में भी टाइम नहीं लगाते।

आज कल बहुत ठंड लगती है।
अरे तो जाओ तबला बजाओ,
अब मैंने कौन सा चारा खा लिया जो ऐसे बोल रही हो?
चारा खाते तो साढ़े तीन साल जेल में रहते ना।

थोड़ा लव लेटर छुपा कर रखा करो।
क्या हुआ बाबा इतना क्यों डरते हो?
अरे कहीं हमारा डेटा लीक हो गया तो!
अरे, चिंता मत करो मैं 500रु में नहीं करूंगी लीक।

तुम्हारा मेरे घर आने पर आज से बैन!
अरे क्या मैंने क्या कर दिया?
तुम सवाल बहुत पूछते हो।
अच्छा, लगता है उत्तराखंड का असर आ रहा है।
सही पकड़े हैं,

मुझे न इस बार कुंभ के मेले में जाना है।
क्यों उतनी दूर जाना यूपी के सिनेमा हॉल में चलो वहीं दिखेगा मेला।
यह ठीक है, यहाँ खोने का भी डर कम है।
लेकिन सोचो यहाँ हाथ पकड़ने के ऑप्शन भी कम हैं।

तुम ने सारे गुलाब क्यों फेंक दिए,
क्योंकि आजकल बिना फेंके कोई सुनता नहीं है।
अरे, बाबा मैं बहरी सरकार नहीं हूँ कितनी बार बताऊँ।
लेकिन मैं प्यार में अपने आप को किसान जैसा ठगा महसूस करती हूँ।
अरे बाबा, तुम चिंता मत करो मैं तुम्हें उस हालत पर कभी नहीं आने दूंगा।
लव यू जानू, सच्ची तुम उन सरकारों से कितने अच्छे हो।

तुम बड़ा ताड़ते हो लड़कियों को!
अरे बाबा तुम तो हर दम शक करती हो।
शक नहीं करती अगली बार इस पर फतवा जारी कर दूंगी।
पता नहीं लड़की न हो गई झिंगा मछली हो गई।
लेकिन याद रखना ये मौलाना का नहीं प्यार का फतवा है सीरियस लेना।

तुम कुछ बदलाव करो प्यार में,
चलो लव लेटर का रंग बदल देता हूँ,
हरदम रंग बदलने की ही बात करते हो, गिरगिट हो क्या?
नहीं मैं सरकार हूँ,
वो उस गिरगिट से भी ज्यादा रंग बदलती है,

आजकल कोहरा ज्यादा हो रहा है।
हां यार, ट्रेन भी स्टेशन पर लेट पहुँच रही है।
इसका मतलब तुम्हारा लोकल डिब्बा भी लेट होगा?
अरे नहीं तो, अपने टाइम पर पॉलिटिकल लव के साथ पहुँच रहा है।

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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