भारत को आतंकियों का साथी बताने में लगा पाकिस्तान

कहा जाता है कि कुछ लोग जब सामने वाले से उसके लेवल पर लड़कर जीतने की काबिलियत नहीं रखते हैं तो वे सामने वाले को अपने लेवल (निचले स्तर) पर लाने की कोशिश करते हैं। ठीक ऐसी ही कोशिशें अकसर पाकिस्तान करता है। पाकिस्तान में सक्रिय और कई बड़े हमले कर चुके आंतकी संगठन जमात-उर-अहरार (जेयूए) के भारत से जुड़े होने के आरोप पाकिस्तान अकसर लगाया करता है।

इसी आरोप के चलते भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इंडियन एजेंसीज और जेएयू के कथित कनेक्शन पर अलर्ट हो गया है। हालांकि, भारत ने ऐसी चीजों पर सख्त आपत्ति जताई है। सोमवार को हुई भारत के गृह राज्यमंत्री किरन रिजीजू और यूनाइटेड किंगडम की राज्यमंत्री, काउंटर टेररिजम बारोनेस विलियम्स की मुलाकात में भारत की ओर से यह संदेश देने की कोशिश हुई कि यूएनएससी भारत और जेयूए के संबंधों की बात को ना माने और इस केस को स्वीकार ना करे। गौरतलब है कि यूएनएससी ने पाकिस्तान की इस बात को मानते हुए केस स्वीकार किया है कि भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसीज के संबंध जेयूए से हैं। भारत का तर्क है कि हम जेयूए को बैन करने के फैसले के खिलाफ नहीं हैं लेकिन पाकिस्तान के इस दावे को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

जेयूए तरहीक-ए-तालिबान से जुड़ा हुआ संगठन है और पेशावर के स्कूल में 2014 में हुए हमले सहित सेना, कानून, राजनीति और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई लोगों की हत्याओं में इसका हाथ रहा है। पिछले साल पाकिस्तान के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद ने इस संगठन को बैन कर दिया था। अब भारत सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य यूके की मदद से इस विवाद से अपना नाम हटवाना चाहता है।

जेयूए के बारे में कहा जाता है कि इसकी जड़ें अफगानिस्तान के नानगढ़हार में हैं औ 2014 के वाघा हमले में भी इसी संगठन का हाथ था।

इस लेखक के और लेख

बिस्मिल: वह क्रांतिकारी जिसने भारतीयों में सरफरोशी की तमन्ना जगाई

किम जोंग-ट्रंप अगर सपा-बसपा हैं तो बीजेपी कौन है भाई?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारा Youtube चैनल

पुराना चिट्ठा यहां मिलेगा

August 2026
SMTWTFS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031