कर्नाटक चुनाव: कौन जीतेगा यहां पढ़कर एक बार में जान लीजिए

एक और चुनाव खत्म हो गया है और नतीजों का इंतजार बेसब्री से हो रहा है। कहा जा रहा है कि इन्हीं नतीजों से 2019 के लोकसभा चुनाव की भी दिशा तय हो जाएगी। कर्नाटक में बीजेपी वापसी के इंतजार में है तो कांग्रेस भी खुद को सत्ता में रखकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना लेने का सपना देख रही है।

तमाम एग्जिट पोल्स में बताया जा रहा है कि कौन कितनी सीटों पर जीत रहा है और कौन सीएम बनेगा। हालांकि, इन अनुमानों के सही-गलत होने की पूरी संभावना है। हर एग्जिट पोल के अपने आंकड़े हैं और सही-गलत होने की संभावना भी खूब है।

हालांकि, हम जो नतीजे आपको बता रहे हैं वे ना तो कर्नाटक में गलत होंगे और ना ही किसी अन्य चुनान में, क्योंकि भारतीय राजनीति की तासीर ही यही है और इसे समझने के लिए किसी ओपिनियन पोल या एग्जिट पोल की जरूरत ही नहीं है।

भ्रष्टाचारी
हर बार की तरह सभी पार्टियों ने ऐसे उम्मीदवारों को उतारा है, जिनपर भ्रष्टाचार के बड़े मामले में हैं। इनमें से कुछ तो जरूर ही जीतेंगे और कुछ मंत्री भी बनेंगे। ऐसे में ईमानदारी की राजनीति की उम्मीद देख रहे वोटर्स को धोखा मिलेगा और भ्रष्टाचारी सदन में जाकर ‘माननीय’ हो जाएगा।

अपराधी
चुनाव नामांकन के दौरान हलफनामे में ढेर सारे कैंडिडेट्स ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, बलात्कार और लूट जैसे मामले भी शामिल हैं। जाहिर है इसमें से भी कई सारे उम्मीदवार जीतेंगे और कानून व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा दांव पर होगी।

जाति-धर्म आधारित राजनीति
कर्नाटक में इस बार तमाम समुदायों को लेकर जो राजनीति हुई, उसमें सबसे चर्चित दलित और लिंगायत रहे। आहिंदा भी बार-बार लोगों को याद आए लेकिन इन जातियों और समुदायों से सिर्फ जाति के नाम पर वोट लेने वाले अब पांच साल कहां रहेंगे यह देखने का विषय होगा। कमाल की बात यह है कि सबसे मजबूती से जातीय समीकरण सेट करने वाले भी जीत जाएंगे।

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