सीबीडीटी

IT अधिकारी का आरोप- CBDT चीफ ने कहा- विपक्षी नेता पर रेड डालने के बाद मेरी कुर्सी सेफ है

पूंजीपतियों के दम पर हासिल की गई सत्ता अकसर उनकी गुलामी करती रहती है। नैतिक, अनैतिक हर तरह की छूट पूंजीपतियों को हासिल होती है। कानून अगर इन ‘आकाओं’ पर हाथ डालने की कोशिश करता है तो दूसरा ‘कानून’ उन्हें बचाने की कोशिश करने लगता है। ऐसे ही कुछ आरोप सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) के चेयरमैन पर लगे हैं। आरोप लगाने वाला कोई बाहरी नहीं बल्कि कुछ समय पहले तक इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर (यूनिट-2 मुंबई) रहीं अल्का त्यागी ने लगाए हैं।

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अलका त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कैबिनेट सचिव और सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी) को भी चिट्ठी भेजी थी। जून में भेजी गई इस शिकायत का नतीजा यह निकला है कि सीबीडीटी के चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ गया है और अल्का त्यागी को नैशनल अकैडमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस में प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल ऑफ इनकम टैक्स (ट्रेनिंग) बनाकर भेज दिया है।

प्रमोशन के इंतजार में थीं अल्का त्यागी

प्रमोशन का इंतजार कर रहीं अल्का त्यागी के लिए यह पोस्टिंग डिमोशन जैसी है। अल्का त्यागी ने शिकायत में पी सी मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने टैक्स चोरी और गड़बड़ी के ‘गंभीर और संवेदनशील’ मामले की जांच रोकने को कहा है। अल्का त्यागी के मुताबिक, पीसी मोदी ने उन्हें धमकाने के अंदाज में कहा कि विपक्ष के नेता के खिलाफ आयकर का छापा मारने के बाद उनकी कुर्सी सेफ है और अब वो चाहें तो किसी भी अफसर को कहीं भेज सकते हैं। सीधे-सीधे पी सी मोदी का यह कहना था कि ‘मेरी बात मानो वरना भुगतना पड़ेगा।

यहां पढ़ें इंडियन एक्सप्रेस की पूरी रिपोर्ट।

अल्का त्यागी ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि पी सी मोदी ने उनसे कहा कि कहीं भी यह जिक्र नहीं होना चाहिए कि जांच रोकने के लिए निर्देश किसने दिए हैं। त्यागी का आरोप है कि जिस मामले में खुद पीसी मोदी उन्हें क्लीन चिट दे चुके थे, उसे दोबारा खोलकर उन्हें ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की गई।

अंबानी केस की जांच कर रही थीं अल्का त्यागी

सबसे रोचक और हैरानी वाली बात आखिर में बता ही देते हैं। अल्का त्यागी जिन मामलों की जांच कर रही हैं उनमें- दीपक कोचर-आईसीआईसीआई केस, ब्लैक मनी ऐक्ट के तहत मुकेश अंबानी परिवार को नोटिस भेजने, जेट एयरवेज केस समेत कई महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं। अब पूरे मामले को इस खबर के पहले पैराग्राफ से मिलाकर पढ़िए और आप खुद समझिए कि पूरा खेल आखिर है क्या।

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