डूप्लेसिस भाई माफ करना, जूता मारना हमारी संस्कृति नहीं है

0 0
Read Time:3 Minute, 20 Second

कर्नाटक-तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के जल-बंटवारे को लेकर चलने वाली श्वान-मार्जार लड़ाई अब भारत के सर्वस्वीकार्य धर्म क्रिकेट के मैदान तक भी जा पहुंची है। 120 बरस पहले जब कर्नाटक-तमिलनाडु क्रमशः मैसूर-मद्रास नाम की रियासतें हुआ करती थी, तब से दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर ये अदावत जारी है।

कुछेक दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद को लेकर अपना अंतिम फैसला सुनाया, जिसको लेकर तमिलनाडु के एक वर्ग में असंतुष्टि है। स्वर्ग से सुंदर अपने भारत मे भड़काऊ-व्यवस्था तोड़क प्रदर्शन को लेकर आला दर्जे की भक्ति है। तिस पर उस प्रदर्शन को देशव्यापी स्तर पर पहचान मिल जाएं तो इनके मंसूबों के लिए ये सोने पे सुहागा जैसा है।

देश के ध्यान को खींचने के लिए प्रदर्शनकारी अक्सर ओछी से ओछी हरकतों को अंजाम देते हैं। दरअसल, चेपक स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हो रहे मैच के दौरान स्टेडियम में जूता उछाला गया जो रविंद्र जडेजा के पास जाकर गिरा। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने फिर से जूता फेंका जो चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी फॉफ डू प्लेसिस के पास जाकर गिरा, हालाकि डुप्लेसिस उस मैच में नहीं खेल रहे थे, वो मैदान पर ब्रेक के दौरान गए हुए थे।

हालांकि कुछेक मिनट के इस वाकये को बड़ी ही साफगोई से ब्रॉडकास्टर और कमेंटेटर ने जनता की नजरों और कानों से बचा लिया जो कि एक सही कदम था क्योंकि ऐसे दृश्य दिखाने से जनता भड़क सकती थी। मगर कुछेक लोगों ने इस घटना के वीडियो बना लिए थे जो कुछ ही देर में वायरल भी हो चुके थे।

‘अतिथि देवो भवः’ के मोतियों को अपने लोकव्यवहार की माला में पिरोने वाली भारतीय संस्कृति के लिए ऐसी घटनाएं किसी धब्बे से कम नहीं है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सूत्रवाक्य के साथ हमारा देश उत्तरोत्तर प्रगति पथ पे बढ़ता रहा है, ऐसे में उसी तासीर को बरकरार रखने का सभी देशवासियों को प्रयास करना चाहिए। अतीत में धन धान्य से भले हमें विदेशी ताकतों ने कमजोर कर दिया था मगर हमारी जाबड़ लोकसंस्कृति और समृद्ध सभ्यता ने हमेशा विश्व के पथ प्रदर्शन का कार्य किया है और आगे भी करते रहेंगे। सो हमें अपनी सामाजिक समरसता की शाहकार भावना को कभी मरने नही देना चाहिए।

About Post Author

sankarshanshukla

मैं जीवन को अभी समझ ही रहा हूँ..........
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *