छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक धर्म संसद हुई थी. इसी धर्म संसद में कुछ बयानबाजियां हुईं. कुछ आपत्तिजनक बयानबाजियों की वजह से, कालीचरण महाराज […]
Tag: महात्मा गांधी
गांधी की नजरों में सबसे बड़े भिक्षुक क्यों थे मदन मोहन मालवीय?
विश्वविद्याल की नींव डालने की तैयारी चल रही थी। तत्कालीन भारत में महामना कहे जाने वाले शिक्षाविद, वकील, नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मदन मोहन […]
एनकाउंटर वाले ज़माने में ‘गांधी’ ने देश से मुंह फेर लिया है
जिस देश में मौत का उत्सव मनाया जाता हो, जहां एनकाउंटर को गर्व के साथ उपलब्धि के रूप में विधानसभा में गिनाया जा रहा हो […]
क्या गांधी के देश में विरोध का स्वरूप गांधी के विरोध की तरह है?
लोकतंत्र में विरोध होना जायज है। जब-तक जनता अपनी स्वस्थ मांगों को लेकर सरकार के सामने विरोध नहीं करेगी तब तक वह लोकतंत्र लगभग अधूरा रहेगा।और जब यह विरोध ख़त्म हो जाएगा तो वह लोकतंत्र तानाशाही में परिवर्तित होने लगेगी,लेकिन प्रश्न यह है कि विरोध का स्वरुप कैसा हो??
गांधी को पूजना आसान है, उनके रास्ते पर चलना बेहद मुश्किल
भारत का एक वर्ग बिना परिस्थितियों की जटिलता और सच्चाई को समझे महात्मा गांधी को ही भारत-पाकिस्तान विभाजन का कारण मानता है और मानता रहेगा। […]