तो क्या केजरीवाल ने इस बार रही-सही उम्मीद भी तोड़ दी?

मैं खुद आम आदमी पार्टी को उसके जन्म से जानता हूं, समझता हूं और काफी हद तक सहानुभूति रखता ‘था’। जी हां, रखता था। यह […]

सपनों के ‘सी-प्लेन’ पर उड़ता एक आम नागरिक

आज पापा का मेरे ‘स्वदेशी’ वाले नम्बर पर कॉल आया। बोल रहे थे कि देश में इतना सौहार्द और भाईचारा वाला माहौल बना हुआ है […]

पॉलिटिकल लव: क्या मेरा ‘विश्वास’ तोड़ दोगे?

तुम मेरे लिए कुछ नया कब करोगे? देखो, मैंने तुम्हारे लिए साल को नया कर दिया। चलो फिर न्यू ईयर गिफ्ट दो। अच्छा जी सब […]

नरेन्द्र मोदी आज भी केजरीवाल से असुरक्षित महसूस करते हैं?

आज दिल्ली मेट्रो की एक और लाइन शुरू हो रही है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मेट्रो “एक धक्का और दो” करने […]

क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिए हैं?

गुजरात-हिमाचल विधानसभा के नतीजे सामने आ चुके हैं और दोनों ही जगह जीत भारतीय जनता पार्टी की हुई है, इस जीत पर उन्हें बधाई। आज […]

6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख

यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े आते हैं तो सच कहता […]

यूपी: चुनाव खत्म होते ही लगा 15 पर्सेंट का करंट

यूपी के निकाय चुनावों में काउंटिग से पहले ही बिजली के बढ़े दामों ने आम जनता को ‘छुआ’ दिया है। एकदम भन्न से घोषणा की […]

यक्ष प्रश्न: जांच सीडी की होनी चाहिए या विनोद वर्मा की?

पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता बड़ा पुराना रहा है यह हम बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। दोनों हॉरलिक्स और बॉर्नवीटा की तरह समकालीन […]