Tag: congress
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हरित क्रांति के नाम पर यूं कंपनियों के गुलाम बन गए किसान
देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान कर्जमाफी की मांग को लेकर 180 किलोमीटर पैदल यात्रा भी करते हैं लेकिन कभी यह सवाल सामने नहीं आता है कि कर्ज की वजहें क्या हैं? और कब से ये…
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धीरे-धीरे भरोसा हो रहा है कि पार्लियामेंट में डकैत ही होते हैं
इरफान खान की फिल्म सामने चल रही थी, फिल्म में डायलॉग आता है, ‘ बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पाल्लियामेंट में।’ पान सिंह तोमर नाम की फिल्म के इस डायलॉग ने एक बार सोचने को मजबूर कर दिया। उस समय तो यह डायलॉग पसंद नहीं आया था लेकिन धीरे-धीरे खबरें पढ़ते और…
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त्रिपुरा में ढहा लाल दुर्ग, चुनावी रिंगमास्टर बने अमित शाह
भाजपा ने त्रिपुरा में वाम की ढाई दशक साल पुरानी सरकार से सत्ता छीन ली है। कई अन्य राज्यों की तरह यहां पर भी कांग्रेस का सफाया हो गया है। बीजेपी दो तिहाई सीट लेकर सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।
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क्या सिर्फ मोदी से सवाल पूछकर राहुल गांधी पीएम बन जाएंगे?
पिछले साल अमेरिका से आने के बाद राहुल गांधी देश के एक प्रखर वक्ता के रूप में उभरे हैं। उनकी भाषण कला में अचानक से बदलाव आया है। जिस कारण लोग उन्हें सुनने भी लगे हैं। राजनीति में भाषण कला को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय सियासत में कभी अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बेबाक वक्ता…
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क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?
लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू एक बार फ़िर विवादों में घिर गया है।इस बार विवाद की जड़ है नाथूराम गोडसे का मंचन किया जाना। आरोप है कि कला संकाय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “संस्कृति 2018” में कुछ छात्रों ने नाथूराम गोडसे…
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6 दिसंबर 1992: उन्माद को नया रूप देने वाली एक तारीख
यहां मेरी बात पढ़कर अगर आप भी मुझे मुगल प्रेमी, हिंदू विरोधी, फर्जी सेकुलड़ या देशद्रोही जैसी उपाधियां देने दौड़े आते हैं तो सच कहता हूं कि आप के दिमाग में सिर्फ भूसा भरा है। हल्ला करते हुए नहीं मन में शांति से ‘जय श्री राम’ बोलिए मन को शांति मिलेगी और आंखों पर से…
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यूपी: चुनाव खत्म होते ही लगा 15 पर्सेंट का करंट
यूपी के निकाय चुनावों में काउंटिग से पहले ही बिजली के बढ़े दामों ने आम जनता को ‘छुआ’ दिया है। एकदम भन्न से घोषणा की गई है कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दामों में 12 से 15 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी की जा रही है। जाहिर है, अगर यही कदम चुनाव से पहले…
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पॉलिटिकल भक्ति: समयानुसार “जय श्री राम”
“जय श्री राम” बड़ा ही करिश्माई नारा है| सच में इसका उच्चारण करते ही “भक्तों” की छाती पूरे 56 इन्च फूल जाती है, जैसे किसी राष्ट्रवादी पम्प से हवा भर दी गई हो | कितनी कमाल की बात है न! लोग अपने सारे दुख, नोटबन्दी और जी0एस0टी0 की “सफ़लता” और पागल हो रहे विकास को…
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यक्ष प्रश्न: जांच सीडी की होनी चाहिए या विनोद वर्मा की?
पत्रकारिता और राजनीति का रिश्ता बड़ा पुराना रहा है यह हम बहुत पहले से कहते आ रहे हैं। दोनों हॉरलिक्स और बॉर्नवीटा की तरह समकालीन रही हैं और समय-समय पर अपनी जात दिखाती रहीं हैं। पहले के विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों की बातूनी भाषा में पत्रकारिता और राजनीति के बारे में बड़े शुद्ध विचार रहे थे।…
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गुजरात चुनाव: क्या विकास सच में बौराएगा?
बेइमानी करके ही सही, मेरा मतलब है जहांपनाह के सजदे में सर झुकाते हुए केचुआ यानि केंद्रीय चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। गुजरात की 182 सीटों पर दो चरणों में मतदान की घोषणा की गई। पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर (89 विधानसभा सीटों के लिए) जबकि दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर (93 विधानसभा सीटों के लिए) को होगा। राजनीतिक धुरंधर इसे 2019 लोकसभा…