Tag: hindi poetry
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सब राहों के अन्वेषी बचे-खुचे जंगलों के साथ ही कट गये
अब नहीं हैं प्रणययार्थी, न उनकी गणिकाऐं, वो गदिराए बदन भी नहीं हैं जिनपर लिख सको कामसूत्र जैसा ग्रंथ तुम ज्ञान के लिए यात्राएँ क्यों करोगे जब तुम्हारे हाथ में किताबें हैं जिनमें लिखे हैं यात्राओं के विवरण
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ख़ुदकुशी…भवेश दिलशाद (शाद) की नज़्म
इसी इक मोड़ पर अक्सर गिरा जाता है ऊंचाई से अपनी ज़ात और ख़ाका मिटाया जाता है सब कुछ हो जिसमें ये सिफ़अत, क़ूवत कि जो अपना सके, जो घोल पाये सब कुछ अपने में ग़मे-दिल और ग़मे जानां कहे बिन सह सके जो सब किसी इतनी बड़ी हस्ती के पहलू में किया जाता है…
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अग्नि वर्षा है तो है हां बर्फ़बारी है तो है
दुष्यंत चले गए. उनकी ग़ज़लें अमर हैं. जिन्होंने दुष्यंत कुमार को नहीं देखा, वे एहतराम साहब से मिल सकते हैं. एहतराम इस्लाम, हिंदी ग़ज़ल के चर्चित चेहरे हैं. देश भर लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी ग़ज़लें प्रकाशित हो गई हैं. ग़ज़ल में हिंदी का जैसा प्रयोग एहतराम साहब ने किया है वैसा कहीं और…
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बाबा नागार्जुन: एक अल्हड़ जनकवि, जिसकी पीड़ा में पलता है भारत
नागार्जुन की खासियत है कि उन्हें कोई अनगढ़ साहित्यकार पढ़े तो भाषाई रूप से समृद्ध हो जाए.
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नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा
नज़र आता है डर ही डर, तेरे घर-बार में अम्मा नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा. यहाँ तो कोई भी रिश्ता नहीं विश्वास के क़ाबिल सिसकती हैं मेरी साँसें, बहुत डरता है मेरा दिल, समझ आता नहीं ये क्या छुपा है प्यार में अम्मा नहीं आना मुझे इतने बुरे संसार में अम्मा. मुझे…
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कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है: गोपालदास नीरज
नीरज ने बॉलीवुड के लिए अनेक लोकप्रिय गीत लिखे। उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार के अलावा पद्मश्री और पद्मभूषण जैसे नागरिक सम्मान भी हासिल हैं।
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कविताईः नए बरस की आमद और रद्दी होते कैलेंडर का दर्द
बरस के बीतते इन आखिरी दिनों में/ कैलेंडर की अहमियत घट रही है।

