Tag: narendra modi
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क्षत्रपों के बलबूते प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे राहुल गांधी
तीन राज्यों में ऐंटी इन्कंबेंसी लहर पर सवार कांग्रेस ने किसी न किसी तरह सरकार बना ही डाली। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए ऐंटी इन्कंबेंसी की लहर उतनी नहीं दिख रही है, जितनी की किसी विधानसभा चुनाव के लिए होती है। फिर भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए…
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सवर्णों को आरक्षण: जानें, इसके ना मिलने के चांस ज्यादा क्यों हैं?
लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने एक और वादा कर दिया है, जिससे हम पिछले वादे भूल सकें। इस बार वादा किया है, सर्वण आरक्षण का है। मेरा मानना है कि एक बार को सरकार विकास ला सकती है लेकिन ये आरक्षण वाला वादा पूरा नहीं कर सकती क्योंकि जिस भी सरकार ने यह…
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विधानसभा चुनाव खत्म: बेशर्म बयानबाजी से वोटर्स को क्या मिला?
पांच राज्यों राजस्थान, तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है। जनता के साथ-साथ नेता भी नर्वसनेस में 11 दिसंबर का इंतजार करने में लग गए हैं। खैर, ये चुनाव भी किसी अन्य चुनाव से अलग नहीं रहे। हां, समय के साथ इतना जरूर हुआ है कि लगातार…
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विकलांग को दिव्यांग कहने का समाज में कितना असर हुआ?
दिव्यांग शब्द सुनते ही हर किसी के मन में दया का भाव पैदा होता है। बड़ी तत्परता से लोग सहानुभूति दिखाने को आतुर हो जाते हैं लेकिन वही लोग कई बार मौका आने पर पीछे भी हट जाते है। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने रेडियो संबोधन कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा था कि…
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‘देश बचाने’ के नाम पर इकट्ठा होता मुद्दा विहीन विपक्ष क्या करेगा?
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कई बार कई नेताओं ने अपने हक में बयार चलाने की कोशिश की है। पहले मायावती, फिर ममता बनर्जी और अब चंद्रबाबू नायडू। ममता और मायावती ने विपक्ष के तमाम नेताओं से मुलाकात करके विपक्ष को गोलबंद करने की कोशिश की लेकिन असफल रहीं। अब चंद्रबाबू नायडू वही कोशिश…
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पॉलिटिकल लव: सैंया गए तेल लेने आओ हम-तुम इश्क लड़ाएं
तुम कोई भी फैसला सुना देती हो। सही फैसला ही सुनाती हूँ मैं। तुम न वही फैसले सुनाया करो जिनका पालन हो सके। अच्छा तो मैं तुम्हारी गुलाम बन जाऊं! नहीं-नहीं तुम स्वंत्रत हो एकदम। अच्छा लेकिन लग नहीं रहा है। मैं तुम से बात नहीं करूंगी। क्यों क्या हुआ मेरी जान? तुम हर बात…
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ब्रेकिंग: मोदी जी के दोस्त विकास और कल्याण लापता!
मित्रों एक बड़ी खबर है। मोदी जी के दो दोस्त लापता हैं, जिनका नाम विकास और कल्याण है। एक खबर मुताबिक, ये दोनों ही उनके सबसे प्रिय दोस्त हैं। आपको अगर न पता हो तो एक बात बता देना चाहता हूं कि नरेंद्र जी जब विदेश जाते है वो अपने इन्हीं खोए दोस्तों की तलाश…
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ब्रेकिंग: विवाद के बाद आया राफेल का पहला बयान
मैं राफेल बोल रहा हूं। हां मैं बोल सकता हूँ। मैं बोफोर्स दादा की तरह नहीं कि मैं सुनकर चुप हो जाऊं। मैं आपके देश के 2G या 3G की तरह भी नहीं हूं, जो बिना बोले सबको छोड़ दूं। मैं बोलूंगा और जोर से बोलूंगा, अगर आप सुन नहीं सकते तो अपने कान बंद…
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चंद्रशेखर ‘रावण’ को छोड़ना बीजेपी की चालाकी है या मूर्खता?
चंद्रशेखर रावण को तो आप जानते ही होंगे? वही भीम आर्मी वाले। वही भीम आर्मी जिसने दलितों को दम भरना सिखाना शुरू किया तो इसे बनाने वाले चंद्रशेखर को बीजेपी की सरकार ने रासुका कानून के तहत जेल में ठूंस दिया। अब बीजेपी को 2019 की कुर्सी हासिल करनी है तो दलितों पर विशेष प्रेम…
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…तो मोदी और केसीआर का रिश्ता फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स वाला है?
के. चंद्रशेखर राव ने अपने राजनीतिक अनुभव और चालाकी के हिसाब से सबसे धांसू चाल चली है। फौरी तौर पर देखने से ऐसा लगता है कि केसीआर के नाम से चर्चित तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के मुखिया चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले-पहले विधानसभा जीत ली जाए। हालांकि, राजनीतिक दावपेंच समझने वाले मान रहे हैं…