मोदी जी! टॉयलेट, अस्पताल, स्कूल…अर्थव्यवस्था..कुछ न चंगा सी

जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.

मोदी को खटकी ‘बल्लेबाजी’ बोले- नहीं चाहिए पार्टी में ‘बल्लेबाज’

भारत में नेता इतने सक्षम होते हैं, कि न्यायपालिका को ध्वस्त कर देना चाहिए. इतना जनसमर्थन है, तो सारा अधिकार इन्हें ही दे दो. ये ही पीटें, ये ही ठोकें.

कहावत ‘उड़ता तीर‘ लेने की थी पार्टियों ने ‘उड़ता जेट’ ले लिया

डिजिटल होती दुनिया और टेक्नोलॉजी के इस दौर में सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. स्मार्टफोन के मॉडल से लेकर एंड्राइड OS इतनी […]