सच कहने की आजादी से महरूम हैं हम विरोध करने की आजादी में मशरूफ हैं हम इंसान की कौम का कुछ भी पता नहीं धर्मों […]
Day: September 29, 2017
दिव्यमान उवाच- हमारी सोच में भयंकर खोट है
कभी-कभी ऐसा होता है हम तृतीय श्रेणी के सिनेमाघर में बैठे होते हैं और कुछ देर शालीनता से बैठने के बाद, जब हमारे पैरों को […]
वर्ल्ड हार्ट डे! ये दिल न होता बेचारा
विश्व हृदय दिवस है हृदय यानी दिल, जो न लेफ्ट होता है और न राइट। सेन्टर में होने की भी कोई संभावना नहीं है। अब […]