जिस देश में मौत का उत्सव मनाया जाता हो, जहां एनकाउंटर को गर्व के साथ उपलब्धि के रूप में विधानसभा में गिनाया जा रहा हो […]
Author: लोकल डिब्बा टीम
कहावत ‘उड़ता तीर‘ लेने की थी पार्टियों ने ‘उड़ता जेट’ ले लिया
डिजिटल होती दुनिया और टेक्नोलॉजी के इस दौर में सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. स्मार्टफोन के मॉडल से लेकर एंड्राइड OS इतनी […]
अग्नि वर्षा है तो है हां बर्फ़बारी है तो है
दुष्यंत चले गए. उनकी ग़ज़लें अमर हैं. जिन्होंने दुष्यंत कुमार को नहीं देखा, वे एहतराम साहब से मिल सकते हैं. एहतराम इस्लाम, हिंदी ग़ज़ल के […]
कहाँ पहुँचेगा वो कहना ज़रा मुश्किल सा लगता है
लोकल डिब्बा पर पढ़िए चर्चित शायर भवेश दिलशाद की ग़ज़ल..’लगता है.’ कहाँ पहुँचेगा वो कहना ज़रा मुश्किल सा लगता है, मगर उसका सफ़र देखो तो […]
चंद्रशेखर ‘रावण’ को छोड़ना बीजेपी की चालाकी है या मूर्खता?
चंद्रशेखर रावण को तो आप जानते ही होंगे? वही भीम आर्मी वाले। वही भीम आर्मी जिसने दलितों को दम भरना सिखाना शुरू किया तो इसे […]
न करीब आ न तू दूर जा ये जो फ़ासला है ये ठीक है
ग़ज़ल की ख़ूबसूरती है कि यहां बातें छिपाकर कही जाती हैं. जो जाहिर है ऐसा माना जाता है वह ग़ज़ल नहीं. भवेश दिलशाद इससे इनकार […]
यह प्यार नहीं बाबू, वेल प्लान्ड फ्यूचर इन्वेस्टमेंट है!
साल 2010 की बात है। तब पर्सनल फोन का चलन नहीं हुआ करता था। घर में इकलौता नोकिया का सेट था, जो पूरे दिन मोबाइल […]
ग्राउंड रिपोर्ट सिद्धार्थनगर: योगी के दुलारे विधायक जी काम के नाम पर बस फोटो खिंचवाते हैं
राजनीति में जब मेरी दिलचस्पी बढ़ी और मैं कुछ समझने लायक हुआ तो उस वक्त मेरे क्षेत्र में समाजवादी पार्टी से विधायक थे अनिल सिंह। […]
विदेशी धरती पर देश की थू-थू कराने वाले मोदी और राहुल हैं विभीषण
राहुल गांधी जब कभी विदेश जाते हैं सुपर एक्टिव मोड में आ जाते हैं. देश में वे कई बार ऐसा लगता है कि भांग खाकर […]
मॉब लिंचिंग: सारे जहां से अच्छा यह गउसितां हमारा!
सारे जहाँ से अच्छा ये गऊसितां हमारा, लगता है दुश्मन हमको यहाँ हर मियाँ हमारा। खाती हैं कूड़ा कचरा मरती हैं रोड पर वो, हर […]