Author: लोकल डिब्बा टीम
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एनकाउंटर वाले ज़माने में ‘गांधी’ ने देश से मुंह फेर लिया है
जिस देश में मौत का उत्सव मनाया जाता हो, जहां एनकाउंटर को गर्व के साथ उपलब्धि के रूप में विधानसभा में गिनाया जा रहा हो वहां गांधी, किताबों में पड़े-पड़े बास मारते हैं. उनकी तस्वीरें सच में तोड़ देनी चाहिए, नोटों से उनकी तस्वीरें हटा देनी चाहिए. गांधी से बेहतर यहां गोडसे को पूजना ठीक…
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कहावत ‘उड़ता तीर‘ लेने की थी पार्टियों ने ‘उड़ता जेट’ ले लिया
डिजिटल होती दुनिया और टेक्नोलॉजी के इस दौर में सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. स्मार्टफोन के मॉडल से लेकर एंड्राइड OS इतनी तेजी से अपडेट हो रहे हैं. इतनी तेज़ी से तो घर के बच्चे भी बड़े नहीं होते. दस में से साढ़े नौ जेब में टुनटुनाने वाले शियोमी के स्मार्टफोन की…
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अग्नि वर्षा है तो है हां बर्फ़बारी है तो है
दुष्यंत चले गए. उनकी ग़ज़लें अमर हैं. जिन्होंने दुष्यंत कुमार को नहीं देखा, वे एहतराम साहब से मिल सकते हैं. एहतराम इस्लाम, हिंदी ग़ज़ल के चर्चित चेहरे हैं. देश भर लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी ग़ज़लें प्रकाशित हो गई हैं. ग़ज़ल में हिंदी का जैसा प्रयोग एहतराम साहब ने किया है वैसा कहीं और…
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कहाँ पहुँचेगा वो कहना ज़रा मुश्किल सा लगता है
लोकल डिब्बा पर पढ़िए चर्चित शायर भवेश दिलशाद की ग़ज़ल..’लगता है.’ कहाँ पहुँचेगा वो कहना ज़रा मुश्किल सा लगता है, मगर उसका सफ़र देखो तो खुद मंज़िल सा लगता है. नहीं सुन पाओगे तुम भी ख़मोशी शोर में उसकी, उसे तनहाई में सुनना भरी महफ़िल सा लगता है. बुझा भी है वो बिखरा भी कई…
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चंद्रशेखर ‘रावण’ को छोड़ना बीजेपी की चालाकी है या मूर्खता?
चंद्रशेखर रावण को तो आप जानते ही होंगे? वही भीम आर्मी वाले। वही भीम आर्मी जिसने दलितों को दम भरना सिखाना शुरू किया तो इसे बनाने वाले चंद्रशेखर को बीजेपी की सरकार ने रासुका कानून के तहत जेल में ठूंस दिया। अब बीजेपी को 2019 की कुर्सी हासिल करनी है तो दलितों पर विशेष प्रेम…
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न करीब आ न तू दूर जा ये जो फ़ासला है ये ठीक है
ग़ज़ल की ख़ूबसूरती है कि यहां बातें छिपाकर कही जाती हैं. जो जाहिर है ऐसा माना जाता है वह ग़ज़ल नहीं. भवेश दिलशाद इससे इनकार करते हैं. भवेश कहते हैं कि ग़ज़ल समझ न आए तो क्या ख़ाक ग़ज़ल? पढ़िए, शायर भवेश दिलशाद की ग़ज़ल, ”जो फ़ासला है ये ठीक है.” न करीब आ न…
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ग्राउंड रिपोर्ट सिद्धार्थनगर: योगी के दुलारे विधायक जी काम के नाम पर बस फोटो खिंचवाते हैं
राजनीति में जब मेरी दिलचस्पी बढ़ी और मैं कुछ समझने लायक हुआ तो उस वक्त मेरे क्षेत्र में समाजवादी पार्टी से विधायक थे अनिल सिंह। अनिल सिंह की छवि बहुत ही सज्जन व्यक्ति की थी। जनता उन्हें कई वर्षों बाद भी उनके काम की वजह से याद करती है। मुझे याद है 2012 विधानसभा चुनावों…
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विदेशी धरती पर देश की थू-थू कराने वाले मोदी और राहुल हैं विभीषण
राहुल गांधी जब कभी विदेश जाते हैं सुपर एक्टिव मोड में आ जाते हैं. देश में वे कई बार ऐसा लगता है कि भांग खाकर बोलते हैं. बिलकुल कूल डूड बच्चे की तरह. विदेश में उनके भीतर खानदानी आवाज बाहर निकलती है जो उनके खून में दौड़ रही है. जवाहर के प्रपौत्र, इंदिरा के पोता,…
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मॉब लिंचिंग: सारे जहां से अच्छा यह गउसितां हमारा!
सारे जहाँ से अच्छा ये गऊसितां हमारा, लगता है दुश्मन हमको यहाँ हर मियाँ हमारा। खाती हैं कूड़ा कचरा मरती हैं रोड पर वो, हर समय ढूँढती हैं, बेटा कहाँ हमारा। गोदी में खेलती थी जो नदियाँ, बिक गईं हैं, बेचा ज़मीर हमने जाने कहाँ हमारा। पर्वत है सबसे ऊँचा, है क़ब्ज़ा चाइना का, सरहद…
