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Category: नुक्ताचीनी

  • शुरू हो गई टेस्ट चैम्पियनशिप, दो साल बाद ऐसे तय होगा विश्व चैम्पियन

    शुरू हो गई टेस्ट चैम्पियनशिप, दो साल बाद ऐसे तय होगा विश्व चैम्पियन

    टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से ही पारम्परिक क्रिकेट का प्रारूप माना जाता है. कहा जा रहा है कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान टेस्ट क्रिकेट को एक नया आयाम मिलेगा और इसमें लोगों को फिर से रूचि देखने को मिलेगी.

  • खाली होते ही सुरेंद्र सिंह के पास पहुंच जाते हैं एजेंसी के पत्रकार?

    खाली होते ही सुरेंद्र सिंह के पास पहुंच जाते हैं एजेंसी के पत्रकार?

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक विधायक हैं। नाम है सुरेंद्र सिंह। बलिया की बैरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनकी अब तक की सिर्फ इतनी पहचान है कि यह सिर्फ बयान देते हैं और बयान ही नहीं, इनके बयान अकसर ऐसे होते हैं, जिनको मीडिया वेबसाइट्स पर जगह मिलती है। सोशल मीडिया पर भी…

  • एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: खुदाई स्पेशलिस्ट और मोस्ट चर्चेबल JCB जी

    एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: खुदाई स्पेशलिस्ट और मोस्ट चर्चेबल JCB जी

    सारी दुनिया एक तरफ और इनकी खुदाई एक तरफ। ये कोई आम आदमी नहीं है जी, ये इतनी खास हैं कि इनके आते ही पूरा मोहल्ला इकठ्ठा हो जाता है। अगर गलती से ये फंस जाती हैं तो लोग सारे काम छोड़कर इनको निकालने में लग जाते हैं। इनके चक्कर में लोग खाना-पीना तो क्या…

  • नेता बनने के 150 फायदे, जानिए क्यों बनना है ज़रूरी?

    नेता बनने के 150 फायदे, जानिए क्यों बनना है ज़रूरी?

    बचपन में कभी पढ़ाई के वक्त हिंदी व्याकरण के तहत हमें परीक्षा में भरने को आता था वाक्यांश के लिए एक शब्द. उस वाले सेक्शन में एक सवाल ऐसा भी था जो रिपीट मोड में आता था. मतलब आप किसी भी क्लास में पहुंच जाएं वो सवाल हर बार पूछा जाता था. सवाल था- वाक्यांश…

  • लोकसभा चुनाव: लगातार गायब होते मुद्दे और बयानों का गिरता स्तर

    लोकसभा चुनाव के दो चरण की वोटिंग अभी बाकी है लेकिन नेताओं के बयान सुन-सुनकर मन पाका (फोड़ा) हो गया है। वही, एक-दूसरे पर निजी हमले, एक-दूसरे के खानदान और चरित्र के हनन की कोशिश और बाद में झूठे साबित होने वाले वादे और जुमले। जहां चुनाव में प्रचार का मतलब अपना विजन बताना होना…

  • चुनाव के इस दौर में आचार संहिता का इंटरव्यू पढ़ लीजिए

    चुनाव के इस दौर में आचार संहिता का इंटरव्यू पढ़ लीजिए

    एक वक्त था, जब चुनाव में उनका खौफ हुआ करता था। नेता लोग कुछ भी बोलने से पहले सोचते थे कि कहीं वह नाराज न हो जाएं। उनके लगते ही सब बदल जाता था। पहले नेता के हाव-भाव सब कुछ बदल जाते थे, लेकिन वक्त के साथ सब बदलता चला गया और आज नेता लोग…

  • आजकल सूत्र बड़ी चर्चा में हैं, लीजिए सूत्र का ही इंटरव्यू आ गया है

    आजकल सूत्र बड़ी चर्चा में हैं, लीजिए सूत्र का ही इंटरव्यू आ गया है

    आज हम जिसकी बात करने जा रहे हैं। सब लोग उनकी बात हवाले से करते हैं। कोई उनका हवाला कहीं देता है तो कोई कहीं। मीडिया में इनका अलग ही बोलबाला है। मीडिया में कहा जाता है कि जिसका कोई नहीं होता उनके यही होते हैं। अब आप लोग नाम जानने के लिए बेसब्र हो…

  • पहले बजट पढ़ा, अब बजट का इंटरव्यू पढ़िए

    पहले बजट पढ़ा, अब बजट का इंटरव्यू पढ़िए

    नमस्कार, आपका स्वागत है लोकल डिब्बा पर। इस बार बात होगी उसकी जो हर साल आता है, जिसका इंतजार अमीर-गरीब सभी को होता है, जिसकी चर्चा दफ्तर से लेकर चाय की दुकान तक होती है। जी हां, आप एकदम सही समझे, हम किसी और की नहीं बल्कि मोस्ट वॉन्टेड‘बजट जी’ की बात कर रहे हैं।…

  • फिर से अपनी बूढ़ी हड्डियां जलाने क्यों आ रहे हैं अन्ना हजारे?

    फिर से अपनी बूढ़ी हड्डियां जलाने क्यों आ रहे हैं अन्ना हजारे?

    एक ‘सनकी’ बूढ़ा दिल्ली की कड़कड़ाती ठंड में फिर से अपनी हड्डियां जलाने आ रहा है। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स में उसको गालियां दी जाने लगी हैं। 2011 और 2018 में देश के लिए भूख हड़ताल पर बैठ चुके अन्ना हजारे ने एक बार फिर से ऐलान किया है कि वह लोकपाल के गठन…

  • सवर्णों को आरक्षण: जानें, इसके ना मिलने के चांस ज्यादा क्यों हैं?

    लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने एक और वादा कर दिया है, जिससे हम पिछले वादे भूल सकें। इस बार वादा किया है, सर्वण आरक्षण का है। मेरा मानना है कि एक बार को सरकार विकास ला सकती है लेकिन ये आरक्षण वाला वादा पूरा नहीं कर सकती क्योंकि जिस भी सरकार ने यह…