क्या बात है कहाँ गायब हो आजकल? कहीं नहीं बस चुनाव में लगा हुआ था। अच्छा चुनाव के चक्कर में महबूबा को भूल गए? अरे […]
Category: पॉलिटिकल लव
पॉलिटिकल लव: सैंया गए तेल लेने आओ हम-तुम इश्क लड़ाएं
तुम कोई भी फैसला सुना देती हो। सही फैसला ही सुनाती हूँ मैं। तुम न वही फैसले सुनाया करो जिनका पालन हो सके। अच्छा तो […]
पॉलिटिकल लव: प्यार का ‘आधार’ मजबूत हो तो राम दिखते ही हैं!
तुम दाल बना लेती हो? हां बना लेती हूँ, क्या हुआ बताओ? हुआ कुछ नहीं, बस बाल मत कटवाना। अच्छा तुम्हें भी गुजरात वाली आंटी […]
पॉलिटिकल लव: प्यार करो, नागपुर वालों की तरह बदलो मत
यार एक बात बताओ नागपुर वाले फूफा को हुआ क्या है? मुझे तो लग रहा है कोई कागज बदल दिया है। हां लेकिन वो नागपुर […]
पॉलिटिकल लव: पेट्रोल के दाम सताएं तो कैलास चले जाओ
यार शादी के लिए कुछ सोचा है तुमने? क्या सोचना है कर लेंगे वक़्त आने पर। अच्छा अगर घर वाले नहीं माने तो? महाराष्ट्र वाले […]
पॉलिटिकल लव: इश्क का बत्तख बाढ़ में उतारो पिया
यार यहाँ साँस लेने में दिक्कत हो रही है। अच्छा जाओ बतख वाले तालाब में। ठीक है असम की टिकट कराओ फिर। क्यों तुम्हारे यहाँ […]
पॉलिटिकल लव: सैंया रूठो मगर दुश्मन के दर न जाओ
तुम कोई फोटो क्यों नहीं खिंचवाते हो? अरे हमें पसंद नहीं है ये सब। अच्छा जी फिर फोटोग्राफी डे पर क्या डालोगे एफबी पर? तुम्हारे […]
पॉलिटिकल लव: प्यार की साइकिल जरा धीरे चलाओ पिया
तुम साइकिल चला लेते हो ? अरे बाबा मैं कहां चला पाता हूं, और तुम? मेरा भी तुम्हारे वाला हाल है। चलो सही है जिसको […]
पॉलिटिकल लव: वॉट्सऐप से आप भी तो नहीं बन रहे ‘लिंच पुजारी’?
तुम जयपुर आए थे? हां आया तो था सोचा तुम से मिल कर जाऊंगा। अच्छा क्या पहन कर आए थे जी? अरे वो काला कुर्ता […]
पॉलिटिकल लव: हेलो फ्रेंड्स, पासपोर्ट बनवा लो
भूख लगी है बहुत जोर से। कुछ खा क्यों नहीं लेते फिर तुम! अरे बेबी पैसे ही नहीं है। अच्छा मैंने तो सुना था सबका […]