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Category: प्रवचन

  • मोदी जी गरीबी किताबों में पढ़ कर नहीं समझे हैं

    मोदी जी गरीबी किताबों में पढ़ कर नहीं समझे हैं

    मोदी जी युग पुरुष हैं. ऐसे युग पुरुष जिसके सामने कोई पांच मिनट नहीं टिक सकता राहुल गांधी के अलावा.

  • हम हिंदुस्तानी दरअसल चरसी हैं

    हम हिंदुस्तानी दरअसल चरसी हैं

    हम हिंदुस्तानी दरअसल चरसी हैं. चरस, भांग, गांजा और अफीम भारत में प्रतिबंधित है. मतलब आप वैधानिक रूप से फूंक नहीं सकते. कहीं पब्लिक प्लेस पर. लेकिन इस बात से कहां आप अनजान हैं कि देश में कुछ भी आप कर सकते हैं. कुछ भी का मतलब कुछ भी. दंगा करा सकते हैं, आग लगा…

  • पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में उपवास रखते हैं…

    तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते हो आज कल तो क्या तुम अब उपवास रखोगी सोच तो यही रही हूं!

  • ट्रोलिंग और पोस्टट्रुथ को क्रांति मानते हो तो आज के युवा हो तुम..!

    ट्रोलिंग और पोस्टट्रुथ को क्रांति मानते हो तो आज के युवा हो तुम..!

    आज राजनीतिक और सामाजिक विमर्श पोस्टट्रुथ और ट्रोलिंग के दहलीज पर पहुंच गए. और सबसे दिलचस्प ये है कि आज का युवा इसी राजीतिक विमर्श के बीच खुद को खड़ा पाता है

  • अन्ना हजारे का अनशन: इतिहास बनेंगे या इतिहास दोहराएंगे

    अन्ना हजारे का अनशन: इतिहास बनेंगे या इतिहास दोहराएंगे

    अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन शुरू कर मोदी सरकार को ललकार दिया है. उनके अनुसार ये आंदोलन जनलोकपाल, किसानों की समस्याओं’ और चुनाव में सुधारों के लिए एक सत्याग्रह होगा

  • पॉलिटिकल लव: हमारे विकास का मुद्दा चुनावी नहीं है

    तुम लव लेटर रोटोमैक से लिखते हो क्या क्यों क्या हो गया जी हुआ कुछ नहीं बस तुम्हारे लेटर में काफी घोटाले नज़र आ रहे हैं.

  • पॉलिटिकल लव: प्यार का डेटा 500 रुपये में लीक ना कर देना

    तुम बहुत चिलाती हो। तो क्या करू तुम्हारी हरकते ही ऐसी है। लगता है तुम्हारे स्पीकर पर भी बैन लगना पड़ेगा अरे जाओ मैं यूपी थोड़ी न हूं। मुझे न अपने घर की दीवारों पर रंग करवाना है। अरे, तुम तुरंत यूपी वाले बाबा से संपर्क करो। क्यों क्या खास है उनके पास? अरे, उनसे…

  • पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं

    पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं

    चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं हां सोच रहा हूँ प्यार में राष्ट्रीय भोजन ले आऊँ लेकिन देखना खिचड़ी जैसा बोरिंग भोजन मत ले आना तुम बीमार थोड़ी हो जो तुम्हें खिचड़ी खिलाऊँ आज कल बड़े-बड़े फैसले लेने लगे हो, क्या बात है? बस कुछ बदलाव का मन कर रहा था चलो सही है…

  • मे आई हेल्प यू?

    मे आई हेल्प यू?

    बस स्टॉप पर खड़े हुए काफी वक़्त हो गया था, वहां बहुत से लोग बस का इंतज़ार कर रहे थे, मै भी उन लोगों में से एक था। मै बहुत देर से नोटिस कर रहा था, मेरे कुछ दूर पर खड़ी एक लड़की जो कुछ जानी पहचानी सी लग रही थी, बहुत वक़्त से कुछ…

  • दिल्ली वालों, पटाखा बिना दिवाली कैसे मनी?

    दिल्ली वालों, पटाखा बिना दिवाली कैसे मनी?

    ये तस्वीर दिल्ली के दिवाली के बाद की है। जैसे हर त्यौहार पूरे देश में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है, वैसे ही दिवाली भी पूरे देश में अलग अलग तरीके से मनाई जाती है। उत्तर भारत खासकर यूपी बिहार के गांवों में खिलौने वाली मिठाई अनिवार्य होती है। घी के दिए अनिवार्य होते…