पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में उपवास रखते हैं…

तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते हो आज कल
तो क्या तुम अब उपवास रखोगी
सोच तो यही रही हूं!
रखो मैं भी तुम्हारे उपवास के विरोध में उपवास रखूंगा
लगता है साहब से ट्रेनिंग ले रहे हो
तुम भी तो विपक्ष में जा रही हो

यार प्यार में मुनाफा नहीं हो रहा
चलो फिर हम भी जय शाह मॉडल अपनाते है
हां ये ठीक है फिर तो कई गुना मुनाफा हो जाएगा
चलो फिर अब मॉडल पर काम शुरू कर देते हैं
लेकिन ये मॉडल काम तभी करता है जब सरकार साथ हो
तो चलो हम अपनी सरकार बना लेते हैं
अच्छा वो पैसे कहाँ है जो पेड़ लगवाने के लिए दिए थे ?
वो तो खर्च हो गए कही और,

तुमने मुझे खूब बेवकूफ बनाया
अब क्या बोलूँ मैं तुम्हें
कुछ मत बोलो तुमने मुझे धोखा दिया है
अरे बाबा मान जाओ अब
नहीं तुम मुझे पुलिस वाला या जांच अधिकारी समझ ली हो न !
अरे कहे कोर्ट की तरह ओवर रियेक्ट कर रहे हो
तुम भी तो कार्यपालिका वाली हरकत करती हो
चलो प्यार में कुछ बुरी बाते खत्म करते है !

अटकाने, लटकाने, भटकाने की परंपरा खत्‍म करते हैं
सही कह रहे हो ये तो खत्म होना ही चाहिए
चलो फिर प्यार के विकास को अब मत लटकाओ
अरे आज ही तो बोले है अभी लागू होने में टाइम लगेगा

तुम मेरे टाइटल वालो को गलत क्यों बताते हो
क्यों तुम्हारा टाइटल मोदी है क्या ?
कुछ भी हो अब मैं तुम्हें चुनौती दूंगी
ठीक है दे देना चुनौती पहले भारत तो आ जाओ
अभी बैंकॉक से दिल नहीं भरा है मेरा
आओ इंडिया तब बताते है तुम्हें

आज घर नहीं जाओगे क्या ?
अरे आज घर बंद है मेरा
तुम्हारा घर हरदम बंद रहता है क्या ?
अरे नहीं कल मम्मी ने बंद किया तो आज भाई ने कर दिया
क्यों वो लोग कोई मांग कर रहे है क्या तुम से ?
हां कह रहे है कि शादी कर लो
तो कर क्यों नहीं लेते शादी ?
अरे ऐसे अगर सबके बंद पर डिमांड मनाने लगा तो सब बंद ही शुरू कर देंगे

अरे वो मेरे नीले वाला टॉप कहा है ?
वही कही होगा देखो मैंने नहीं हटाया
यहाँ नीला तो दिख नहीं रहा भगवा टॉप दिख रहा है
अच्छा जी, लगता है भक्त मूर्ति के बाद तुम्हारे टॉप का भी रंग बदल दिए
अरे हमारे टॉप से क्या दुश्मनी थी उनको !
टॉप से नहीं उनको रंग से दुश्मनी थी

तुम कुछ नया क्यों नहीं करते !
सोच रहा हूँ परिवर्तन किया जाए
अरे जाओ तुम जल्दी उठ नहीं सकते तुम क्या परिवर्तन करोगे
तो ठीक है जा रहा हूँ सोने तुम ही कर लो परिवर्तन
अरे सोने क्यों जा रहे है दोनों मिल कर करते है परिवर्तन
वाह यही बात सब समझ जाये तो शायद परिवर्तन आ जाये

तुम छोले भटूरे क्यों खा रहे हो तुम्हारा तो फ़ास्ट है ना !
अरे 10 बजे से से है फ़ास्ट इसलिये अभी खा ले रहा हूँ ।
अच्छा कितने घंटे का फ़ास्ट है तुम्हारा ?
शाम के 5.30 बजे तक फ़ास्ट ।
अरे इतना तो मैं वैसे ही बिना खाये रह लेती हूँ ।

अच्छा एक बात बताओ तुम्हारी सैलरी कितनी है ?
ज्यादा नहीं है बस 12 हज़ार तक है ।
अच्छा फिर तुम शादी कैसे करोगे ?
मैं कर लूंगा मैं कोई विधायक नहीं हूँ
अरे लेकिन हो तो दिल्ली के न

क्या कर रहे हो तुम ?
अरे वो नौकरी के लिए फॉर्म भर रहा था।
नौकरी का फॉर्म छोड़ो, पता करो बाबा बनाने के लिए फॉर्म कहाँ भरे जाते है
भरे तो सभी जगह जाते है बताओ कहाँ से भरूँ ?
मध्यप्रदेश से भरो वहाँ प्लेसमेंट होने के ज्यादा चांस है
सही बोल रही हो यूपी में तो बस योगी लोगों का प्लेसमेंट होता है

तुम जीन्स पहनती हो क्या ?
क्यों कोई दिक्कत है क्या ?
अरे नहीं वो केरल में कुछ सुने थे
अरे तुम भी न, न जाने क्या-क्या सुनते हो
अरे वो बायो के प्रोफेसर हैं
कुछ भी हो लेकिन उनका खुद का बायो बहुत खराब है

तुम्हारा लोकल डिब्बा कुछ भर सा गया है !
अरे अब 15+ हज़ार लोग इस पर सवार है ना
अच्छा तो अब पॉलिटिकल लव की पहुँच भी बढ़ गई होगी!
हां आओ चलते हैं उधर ही. आजकल लोकल डिब्बा की स्पीड मस्त है….

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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