पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं

तुम भी भारतीय रेल हो गए हो
अरे क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो?
जब देखो जब तुम्हारी हालत खस्ता ही नजर आती है.
हाहाहा, कहो तो वास्कोडिगामा बन जाऊं
रहने दो आज वो भी पटरी से उतर गए.

अच्छा तुम मुझसे कितना प्यार करते हो?
उतना ही जितना पाकिस्तान हाफिज सईद से,
यानी तुम मेरे लिए सब इल्जाम सह लोगे
हाहाहा, सही पकड़े हैं

आज कल गलत ट्रैक पकड़ लिए हो तुम,
अरे डरो मत 160km दूर नहीं जाऊंगा,
तुम न ज्यादा दूर जाने की मत सोचो, मैं गलत सिग्नल नहीं देने वाली
मुझे पता है तुम रेलवे की तरह लापरवाह नहीं हो.
हाहाहा, सही पकड़े है

चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं.
अरे क्यों प्यार में भी मध्यप्रदेश के सिलेबस लाना चाहती हो
रहने दो फिर पता चले इतिहास को छोड़ कर प्यार से ही छेड़छाड़ करने लगे
सही बोल रही हो, वैसे भी ये लोग छेड़छाड़ में आगे हैं.

अच्छे कर्मों के करण प्यार होता है
वैसे ही ना जैसे पापों के कारण कैंसर
तुम भी ना, कहां की बात कहां जोड़ देती हो
तुम भी तो प्यार में असम की स्वास्थ्य मंत्री बन रही हो.

तुम प्यार में मुझे कोई अध्यक्ष क्यों नहीं बना देते
रुको थोड़े दिन तुम्हारी भी ताजपोशी करते हैं.
देखना युवराज जितना लम्बा टाइम न लग जाए,
डरो मत मेरे हाथ के साथ दिल भी तुम्हारा है, हाहाहा

तुम न आज कल मेरी बातें नहीं सुनते हो
अरे बाबा सुनता तो हूँ तुम्हारी बात
हां बस फालतू की बात सुनते हो
अरे तुम भी तो किसानों की तरह मांग करने लग जाती हो.
रुको अब तुम्हारा मैं पद्मावती जैसा विरोध करुँगी
हाहाहा, लेकिन पहले देख लेना मुझे..

तुम मेरा कितना साथ दोगे?
उतना ही जितना ईवीएम सरकार का देती है.
हाहाहा, यानी हरदम मेरे पक्ष में रहोगे

अच्छा कही चलते है
चलो लोकल डिब्बा
अच्छा चलो वही लव करेंगे
अरे पागल खाली लव नहीं पॉलिटकल लव करेंगे

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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