पॉलिटिकल लव: मुझे मेरे मन की बात करनी है

हे सुनो, बहुत दिन से बात नहीं हो पा रही है
अरे रोज तो करते हैं बातें हम दोनों
अरे बाबा मुझे मेरे मन की बात करनी है
अच्छा, लगता है एक सन्डे तुम्हारी मन की बात के लिए भी रखना पड़ेगा,

वाह पीएम वाली सुविधा दे रहे हो एकदम, लेकिन मैं तुम्हारे मुद्दे पर भी बोलूंगी अपने मन की बात

एक बात बताऊं तुम्हें, हमे न, प्यार में सच्चे सौदे करने चाहिए
अरे काहे प्यार को बाबा का डेरा बनाने में लगी हो, हाहाहा
अच्छा तुम मुझे बाबा समझ लियो हो न, तो जेल कब भेज रहे हो
अरे तुम तो कैद हो मेरी दिल की जेल में
देखो कहीं भक्तों की तरह मेरे घर वाले विरोध न करें
अरे मैनें कोइ दिखावटी तैयारी थोड़ी न करी है जो कुछ गलत होने दूंगा
आई नो बाबू तुम प्यार की पूरी फ़ोर्स लगा दोगे मुझे दिल में कैद करने में,

अच्छा ये बताओ की कल तुम कहां गए थे?
क्या तुम भी आधार कार्ड की तरह सारी जानकारी लेती रहती हो
अरे डरो मत मै लीक नही करुंगी, आखिर हमारी निजता का मामला है

तुम एक बात बताओ आज कल बड़े शांत हो कई मुद्दों पर
– – – – – – – – – – – – – – – . . . . . .
अरे अब क्या तुम भी बोलने के लिए कोर्ट की फटकार का इंतज़ार करोगे
अरे बाबा तुम न मुझे एकदम पीएम समझ ली हो, बस थोड़ा सोच रहा था इसलिए चुप था,
अरे बाबा मैं तुम्हे बस अपना समझ ली हूँ इसलिए बोल रही थी, पीएम कहां अपने
अरे तुम सैड न हो बाबू आई नो यू लव मी सो मच

तुन न आज कल मेरी तरफ ध्यान नहीं दे रहे हो
अरे मेरी जान अपने घर के मुद्दे खत्म नही हो रहे, उन्हें निपटा लूं पहले
देख लो जल्दी निपटा लो नहीं तो चीन जैसे तुम्हें तोहफे मिलेंगे, फिर मत बोलना कुछ भी करती हो, हाहाहा.
तुम पर हम प्यारद्रोह लगा कर दिल की जेल में कैद कर लेंगे फिर

तुमसे एक काम नहीं होता
अरे कौन सा काम नहीं हुआ हमसे
कल बोला था न की चूहे ज्यादा हो गए हैं, रोको उन्हें
अरे बाबा करे तो थे
लेकिन तुम रोकने में नाकाम रहे जैसे अमेरिका नस्लीय हिंसा को रोकने में
अरे क्या बात है तुम भी संयुक्त राष्ट्र की तरह रिपोर्ट निकल दी

हमें भी न अपनी कुछ गलत चीजों को रोकना चाहिए
बिलकुल सही बोल रही हो, नही तो पता चले बाद में सुप्रीम कोर्ट रोक रहा है, हाहाहा
अरे तुम कौन सा प्यार में तीन तलाक कर रहे हो, करोगे तो कोर्ट से पहले मैं हूँ
अरे बाबा मैं तुम्हारी आजादी का पूरा ध्यान रखूंगा
देखो कहीं कुछ रह न जाए
अरे आधे-अधूरे काम नहीं करता मैं, प्यार हूँ सरकार नहीं मेरी जान

अच्छा चलो कहीं और चलते हैं इन सब से दूर
हां चलो जहां कोई हिंसा न हो, और खास कर ये ढोंगी बाबा न हो,
चलो फिर सवार हो जाओ लोकल डिब्बा पर चलते हैं पॉलिटिकल लव के सफ़र पर

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

इस लेखक के और लेख

पॉलिटिकल लव: बीपीएल कार्डधारी प्यार

पॉलिटिकल लव: मैं तुमसे उतना प्यार करती हूं जितना मीडिया बाबा से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारा Youtube चैनल

पुराना चिट्ठा यहां मिलेगा

August 2026
S M T W T F S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031