Tag: बीजेपी
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भक्तो! मजबूर तुम हो, बीजेपी और अमित शाह नहीं
विकल्पहीनता धीरे-धीरे निरंकुशता को जन्म देती है। भारतीय राजनीति में भी एक बार फिर से यह प्रासंगिक हो चला है। इंदिरा-संजय गांधी की जोड़ी के बाद अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी हर जगह वही करती है, जो वो चाहती है। इंदिरा ने भी संगठन में खुद से बड़ा किसी को बनने नहीं…
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मूर्तियां तोड़ने/बनाने से विचारधारा खत्म/स्थापित हो जाती है?
त्रिपुरा में लेफ्ट और राइट की लड़ाई के कुछ प्रत्याशित परिणाम नजर आने लगे हैं। पहले बीजेपी नेता हेमंत बिस्व शर्मा ने त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री को केरल या बांग्लादेश चले जाने की सलाह दी फिर कुछ उपद्रवियों द्वारा त्रिपुरा के बेलोनिया में व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया, जिसे एक बीजेपी नेता…
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क्या सिर्फ मोदी से सवाल पूछकर राहुल गांधी पीएम बन जाएंगे?
पिछले साल अमेरिका से आने के बाद राहुल गांधी देश के एक प्रखर वक्ता के रूप में उभरे हैं। उनकी भाषण कला में अचानक से बदलाव आया है। जिस कारण लोग उन्हें सुनने भी लगे हैं। राजनीति में भाषण कला को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय सियासत में कभी अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बेबाक वक्ता…
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क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?
लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू एक बार फ़िर विवादों में घिर गया है।इस बार विवाद की जड़ है नाथूराम गोडसे का मंचन किया जाना। आरोप है कि कला संकाय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “संस्कृति 2018” में कुछ छात्रों ने नाथूराम गोडसे…
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राजीव गांधी ने जो श्रीलंका में किया मोदी वही मालदीव में करेंगे?
मालदीव में सत्ता और न्यायालय के टकराव के बाद स्थिति गंभीर है। मालदीव का विपक्ष और कोर्ट भारत से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि भारत की सेना को आदेश दिए गए हैं कि वह मालदीव रवाना होने के लिए तैयार रहे।…
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वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया नहीं हुआ, विगत वर्षों में मनाए गए गणतंत्र दिवस में और आज 69वें गणतंत्र दिवस पर, कुछ बदलता भी है तो वह है गिनती, 68वां मनाया था, 69वां मना रहे हैं और 70वां मनाएंगे, सुबह…
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सपनों के ‘सी-प्लेन’ पर उड़ता एक आम नागरिक
आज पापा का मेरे ‘स्वदेशी’ वाले नम्बर पर कॉल आया। बोल रहे थे कि देश में इतना सौहार्द और भाईचारा वाला माहौल बना हुआ है इसलिए घर पर आओ कुछ दिन अपने भाइयों के साथ भाईचारे और हमारे साथ सौहार्द से रह लेना। मैं पूछा कैसे आऊं? तो पापा ने इतना ही कहा था कि…
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पॉलिटिकल लव: क्या मेरा ‘विश्वास’ तोड़ दोगे?
तुम मेरे लिए कुछ नया कब करोगे? देखो, मैंने तुम्हारे लिए साल को नया कर दिया। चलो फिर न्यू ईयर गिफ्ट दो। अच्छा जी सब मैं ही करूँ? गिफ्ट तुम दो। तुम मेरे हर मेसैज का रिप्लाई करोगे ना? अरे हां बाबा मैं तुम्हारे गुड मॉर्निंग का भी रिप्लाई करूँगा। मुझे मेरे hmm का भी…
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नरेन्द्र मोदी आज भी केजरीवाल से असुरक्षित महसूस करते हैं?
आज दिल्ली मेट्रो की एक और लाइन शुरू हो रही है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मेट्रो “एक धक्का और दो” करने नोएडा पहुँच रहे हैं। अपने मफलरमैन भाई इदर पड़ोसी ‘राज्य’ के सीएम कहे जाते हैं। नोएडा में इस लाइन के कुछ ही स्टेशन पड़ते हैं लेकिन इसका उद्घाटन दिल्ली की…
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पॉलिटिकल भक्ति: समयानुसार “जय श्री राम”
“जय श्री राम” बड़ा ही करिश्माई नारा है| सच में इसका उच्चारण करते ही “भक्तों” की छाती पूरे 56 इन्च फूल जाती है, जैसे किसी राष्ट्रवादी पम्प से हवा भर दी गई हो | कितनी कमाल की बात है न! लोग अपने सारे दुख, नोटबन्दी और जी0एस0टी0 की “सफ़लता” और पागल हो रहे विकास को…