Tag: local dibba
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बुक रिव्यू: डार्क नाइट- काम, माया और सौंदर्य में उलझी जिंदगी
प्रिया और माया के आकर्षण में डोलता कबीर, उस दोराहे के जंक्शन पर पहुंचता है, जहां उसकी पुरानी कल्पनाएं जीवित होना चाहती हैं। किसके प्रेम में ढलेंगी कबीर की कल्पनाएं? किसकी दहलीज पर जाकर रुकेगा कबीर के ख्वाबों का कारवां? माया या प्रिया? किताब का नाम: डार्क नाइट लेखक: संदीप नैयर प्रथम संस्करण: जनवरी 2018…
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पुण्यतिथिः शशि सूर्य हैं फिर भी कहीं, उनमें नहीं आलोक है – मैथिलीशरण गुप्त
यह रिवर्स टैलेंट का दौर है,जब संघर्षों की आवश्यक प्रक्रियाएं रोचक कहानियों के आवरण में सहानुभूतिक शब्दों के टैगलाइन के साथ बेची जा रही हैं, निहित स्वार्थों के लिए। ऐसे में साहित्य के घोषित उद्देश्यों के अधीन गुप्त जी की इस कविता के माध्यम से अपने देश के किसानों और किसानी को महसूस कीजिए। गुप्तजी…
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‘आखिर हम जा कहां रहे हैं?’ कब तक यह सवाल रटा जाएगा?
दंगल गर्ल के नाम से मशहूर 17 वर्षीय बाल अभिनेत्री ज़ायरा वसीम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके यह बताया कि दिल्ली-मुम्बई विमान में उनके साथ यात्रा के दौरान एक अधेड़ व्यक्ति ने छेड़छाड़ की। ज़ायरा ने उस वीडियो में रोते हुए कहा कि, मैं दिल्ली से मुम्बई जाने वाले एयर विस्तारा के विमान…
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शबा का पिंक स्वेटर
अनुज को सब याद है….. पिंक स्वेटर का डिज़ाइन जो माँ ने खान आंटी से सीखा था, उस स्वेटर का ऊन जो चौक से खरीदकर खान अंकल लाए थे और ये कि वह कैसे पूरे दिन माँ और खान आंटी के बीच 1नंबर सलाई(कांटा) से लेकर नौ नम्बर की सलाई इस घर से उस घर…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में ईवीएम जैसा बहाना मत बनाना
हमारे प्यार में कितनी बँधाएं हैं ना? कितनी भी हों राम मंदिर से कम ही हैं, वैसे राम मंदिर की बंधाएं दूर हो गई हैं, तुम भी क्या नागपुर वालों पर भरोसा कर लेती हो, तुम मेरा दिल कैसे जीतोगे? वैसे ही जैसे बीजेपी निकाय चुनाव जीतती है, देखो ईवीएम में कुछ गड़बड़ मत…
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अजीत आगरकर: वह सितारा जो धुंधला हुआ तो फिर ना चमका
BY: दया सागर आर्य अजीत आगरकर, एक लंबे कद का छरहरा खिलाड़ी, जो दाएं हाथ से मध्यम तेज गेंदबाजी और दाएं हाथ से ही बल्लेबाजी भी करता था। आगरकर, जो नए और पुराने दोनों गेंद से दोनों तरफ स्विंग गेंदबाजी के लिए जाना जाता था और जब वह बैटिंग करने आता था तो उससे लोग…
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क्या महिलाएं युद्ध का कारण हैं?
आज सुबह मैं पार्क में व्यायाम करने के उपरांत कुछ देर सुस्ताने के लिए बैठ गया। वहां कुछ बुजुर्ग पुरुष महिलाओं के विषय में चर्चा कर रहे थे। उनमें से एक महानुभाव ने कहा-“आज तक जितने भी युद्ध हुए हैं वह सभी महिलाओं के कारण हुए हैं !” वहां खड़े सभी लोग प्रतिकार की बजाए…
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क्रांति धरा मेरठ: सिर्फ तीस मार खां बसते हैं यहां!
क्रांतिधरा मेरठ ऐंवई नाम के साथ बदनामी लेकर नहीं चल रही है। एक से एक तीस मार खां बसते हैं यहाँ। ताज़ा उदाहरण सरधना के सोम साहब हैं। अब पता नहीं किस झोंक में जनाब ने 5 करोड़ का इनाम भंसाली के सिर पर रख दिया। ऐसे ही कुछ साल पहले मेरठ में, एक कुरैशी…