एक और चुनाव खत्म हो गया है और नतीजों का इंतजार बेसब्री से हो रहा है। कहा जा रहा है कि इन्हीं नतीजों से 2019 […]
Year: 2018
एग्जिट पोल सिर्फ ‘आका’ को खुश करने की कवायद भर हैं?
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म भी नहीं हुई थी कि तमाम हिंदी ‘न्यूज’ चैनलों ने एग्जिट पोल दिखाकर अपने-अपने मालिकों के प्रति अपनी […]
बदनाम ही सही लेकिन गुमनाम नहीं हूं मैं: मंटो
विभाजन और विभाजन से होने वाले दंगे का मंटो पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा था. इस त्रासदी को मंटो के लिए सह पाना बहुत कठिन था. इसी कारण दंगो के दुष्प्रभाव का जितना मार्मिक चित्रण मंटो की कहानियों में मिलता है, उसे कहीं और ढूंढ पाना बहुत कठिन है
कैफी आजमी की पुण्यतिथि पर सुनिए उनके पांच कालजयी गीत
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जन्में अख्तर हुसैन रिजवी उर्फ कैफी आजमी ने मात्र ग्यारह साल की उम्र में शायरी लिखनी शुरू कर दी थी. और किशोर होते-होते मुशायरे में शामिल होने लगे.
पॉलिटिकल लव: तूफान के इंतजार में, ‘बेबी’ लुट गया प्यार में
तुम बहुत बोलते हो। अरे कहाँ बोलता हूँ मैं! बस करो ये बताओ तुम्हारा रिमोट किसके पास है? तुम्हारे पास तो है बेबी। अरे रिमोट […]
सोमनाथ को नान-वेज फ्री बनाने में छिनेंगे 100 लोगों के रोजगार!
गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के आसपास के इलाके की ‘प्रतिष्ठा’ को बचाने और लोगों की भावनाएं सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय नगर पालिका ने […]
महराजो! भारत में ‘पूड़ी पॉलिटिक्स’ समझते हैं क्या होता है?
हो सकता है बहुतों को राजनीति की इस शाखा के बारे में कुछ भी न पता हो। भला हो भी कैसे सकता है! दरअसल दुनिया […]
कवि कुमार विश्वास ने बता दिया है कि पार्टी प्रवक्ता झूठे होते हैं
कवि कुमार विश्वास अपने वाणी कौशल और तर्कशीलता के कारण काफी पसंद किए जाते हैं और अकसर टीवी बहसों के दौरान विरोधियों के छक्के छुड़ाते […]
डरे हुए रवीश कुमार के लिए एक पत्रकार का खुला खत!
प्रिय रविश कुमार, आप एक क़ाबिल और सरोकारी पत्रकार हैं। आप गंभीरता से अपना काम करते हैं और आपकी कलम कमाल बरपा करती है। सच्चाई […]
…तो वी के कृष्ण मेनन की वजह से 1962 में हारा था भारत?
आज भारत में दक्षिणपंथी विचारधारा को ओढ़ने वाली भारतीय जनता पार्टी का राज चलता है और देश में सबसे ताकतवर हैसियत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की […]