पॉलिटिकल लव: वैलेंटाइन, नागपुर और वॉरियर का कॉकटेल

चलो न वेलेंटाइन डे आ रहा है कहीं घूमने चलें,
हां, चलो वहाँ चलते हैं जहाँ नफरत हो,
क्यों वहाँ क्या करना जाकर ?
हम वहाँ जाकर नफरत को प्यार में बदल देंगे,
चलो फिर नागपुर चलते हैं पहले उन्हें बदलें।

मुझे ना देश के लिए कुछ करना है,
अच्छा तो आर्मी में शामिल हो जाओ,
वही सोच रहा हूँ, पर थोड़ा कंफ्यूज हूँ,
क्यों इसमें क्या कंफ्यूजन?
नागपुर वाली आर्मी में जाऊं या देश वाली,
नागपुर वाली में जाओ वहाँ बस बकैती करनी होगी।

तुम मेरा खर्चा कितने दिन तक उठा सकते हो?
20 दिन उठा सकता हूँ,
तुम एंटिला के आस-पास रहते हो क्या?
नहीं तो मैं तो तुम्हारे पास रहता हूँ।
लेकिन असर तो एंटिला वालों का आ रहा है,
क्यों मेरी भी कोई रिपोर्ट निकली है क्या खर्चे की?

चलो कुछ पीते हैं आज,
क्या पीना है जी?
गांजा पीते हैं बड़ा मन कर रहा है,
गांजा पीना पर पतंजलि वाला क्योंकि वही वैध है,
ठीक है वही पी लेंगे हमें कौन सा बाबा का विरोध करना है।

तुम कितने प्यार से देखती हो,
अच्छा जी लगता है तोगड़िया जैसे तुम भी प्यार में पिघल गए,
अरे बाबा हम प्यार में सख्त कब थे?
क्यों पहले तुम बजरंग दल समर्थक नहीं थे?
हां था पर तुमसे मिलने से पहले।

कल तुम्हें मेरे घर आना है,
अरे आ तो जाऊंगा पर मुझे डर लग रहा है,
अच्छा तो हनुमान चालीसा पढ़ कर आना,
क्यों तुम्हारे घर में आपदा रहती है क्या?
अरे नहीं बस मेरे घर वाले दक्षिण वाले हैं।

तुम अब नकली प्यार मत करना मुझसे,
अरे मैं तो पहले भी असली करता था तो अब नकली क्यों करूँगा?
नहीं बस ऐसे ही बता दी अब नकली प्यार पकड़ने की मशीन आ गई है,
अच्छा प्यार भी अब दवा जितना सच्चा होगा।

तुम बड़ा ऊलजलूल बोलने लगे हो,
हम तो ऐसे ही हरदम बोलते थे,
नहीं पहले तुम ठीक थे जबसे मालदीव से आए हो तब-से ऐसे हो गए हो।
अच्छा लगता है मुझ पर मालदीव वालो का असर आ गया है,
सही पकड़े हैं।

हमारे प्यार की ग्रोथ कैसी हो रही है?
हमारा प्यार पोस्टिव ग्रोथ पर है,
ऐसे ही ध्यान रखना नहीं तो पता चले ग्रोथ नेगेटिव हो गई,
अरे चिंता मत करो किसानों की इनकम वाला हाल नहीं होने दूँगा।
मुझे पता है मेरी जान तुम सरकार की तरह लापरवाह नहीं हो।

प्यार में बड़ी दिक्कतें होती हैं,
तो प्यार वारियर लिख दो तुम,
अरे रहने दो प्यार का दर्द बस प्यार वाला जानता है।
वैसे ही ना जैसे एग्जाम का डिप्रेशन बच्चे जानते हैं?
सही पकड़ी हो तो किताब लिख कर रिकार्ड नहीं बनाना मुझे।

पता है हम प्यार में बहुत आगे होते,
अरे तो गलती किसकी है इसमें?
सारी गलती नेहरू की है।
अरे! उनका क्या लेना देना हमारे प्यार से,
उनका लेना देना तो कई मुद्दों से नहीं पर उनका नाम तो आ रहा है ना,
वाह जी सरकार वाले लक्षण आ रहे है तुम में।

चलो कहीं दूर चलते हैं,
फिर जल्दी से लोकल डिब्बा पकड़ लेते हैं,
हां ठीक है तुम अपना पॉलिटिकल लव रख लो।

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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