Author: अभय
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पॉलिटिकल लव: बस 2019 में शादी से पहले कर्नाटक वाले मामा मान जाएं
तुम्हें पता है भगवान का गूगल कौन था? अरे बाबा उस टाइम तो इंटरनेट ही नहीं था तो गूगल कौन होगा! तुम्हें कुछ नहीं पता है नारद जी गूगल की तरह सब जानते थे। यार तुम भी कहाँ गुजू भाई की बात में आ रही हो। अरे वो झूठ क्यों बोलेंगे। अरे वो झूठ नहीं…
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पॉलिटिकल लव: 3 लाख फॉलोवर लाओ तब मेरे सामने टिक पाओगे
मैं भाषण देने लगा तो तुम 15 मिनट नहीं टिक पाओगी। अच्छा बिना पर्चे के बोलकर दिखाओ भाषण। बिना पर्चे के तो तुम भी नहीं बोल पाओगी। अरे रहने दो तुम तो 15 मिनट बाथरूम में भी नहीं टिक सकते। अरे इसमें बाथरूम की बात कहां से आ गई और भला 15 मिनट बाथरूम में…
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कैशलेस पर मोदीजी को बाहर से समर्थन दे रहे हैं ‘राष्ट्रवादी एटीएम’
देश कैशलेस की ओर बढ़ रहा है। मोदी जी का सपना कोई और नहीं खुद देशभर की गली-गली में लगे एटीएम पूरा कर रहे है। दिल्ली में भी कुछ एटीएम ऐसी ही स्थिति में हैं और कई जगह तो मोबाइल पर निकासी मैसेज तो आ रहा है लेकिन पैसे निकल नहीं रहे हैं। गुड़गांव के…
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इस तरह सिर्फ सियासत बचेगी और इंसाफ मर चुका होगा
पाकिस्तान के कितने हाथ हैं जी? हर जगह पहुंच जाते हैं, कोई सरकार हार जाए या कोई घटना हो जाए सब में पाकिस्तान का हाथ होता है। देश में अगर रेप हो रहा है, उसमें भी पाकिस्तान का हाथ है। इसका मतलब पाकिस्तान के हाथ हमारे कानून से भी लंबे और मजबूत हैं। ये सब…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में उपवास रखते हैं…
तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते हो आज कल तो क्या तुम अब उपवास रखोगी सोच तो यही रही हूं!
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पॉलिटिकल लव: प्यार में कहीं ‘भारतबंद’ ना कर देना
तुम न बहुत झूठ बोलती हो, अच्छा ज्यादा आरोप न लगाओ नहीं तो मानहानि का केस कर दूंगी। कर दो मैं माफी मांग लूंगा। तुम भी एकदम आम आदमी जैसे निकले मेरे जानू। तुम मेरी बात नहीं सुनते हो आजकल, अरे बाबा सुनता तो हूँ, कुछ नहीं सुनते हो, ऐसा ही रहा न तो…
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पॉलिटिकल लव: प्यार की रक्षा के लिए यज्ञ करोगे ?
तुम प्यार की रक्षा के लिए क्या करोगे? मैं भी लाल किले पर यज्ञ करूँगा। अरे! उससे क्या? बस एयर पॉल्यूशन ही बढ़ेगा, अरे! ऐसा मत बोलो यज्ञ से राष्ट्र की रक्षा भी होती है, अरे! कौन सा साइंस पढ़ रहे हो? कल नागपुर से एक किताब लाया था उसी को पढ़ रहा हूँ, तभी…
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हरित क्रांति के नाम पर यूं कंपनियों के गुलाम बन गए किसान
देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान कर्जमाफी की मांग को लेकर 180 किलोमीटर पैदल यात्रा भी करते हैं लेकिन कभी यह सवाल सामने नहीं आता है कि कर्ज की वजहें क्या हैं? और कब से ये…
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ना सुबह से एक आलू बिका है, ना बिका एक कांदा
”ना सुबह से एक आलू बिका है और ना बिका एक कांदा” ये एक फिल्मी डायलॉग है लेकिन यही आज के किसानों की हकीकत भी है। किसान का न आलू सही दाम पर बिक रहा गया और न टमाटर, जिसकी वजह से किसान जगह-जगह विरोध कर रहे हैं। अभी कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ के दुर्ग…
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पॉलिटिकल लव: चलो बिना बहुमत की सरकार बनाते हैं
कल तुम मुझे इग्नोर करके आगे क्यों चले गए? अरे वो दोस्त से मिलना था, तुम तो रोज ही साथ रहती हो, नहीं लग तो ऐसा रहा था जैसे मैं मार्गदर्शन मंडल की सदस्य हूं। अरे बाबा तुम ना इतना मत सोचा करो, तुम्हारी हरकतें सोचने पर मजबूर कर देती हैं मुझे। तुम मेरी याद…