Author: अभय
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जब चौथे खंभे की हुई सेल्फीमय मौत
उस सेल्फी में एक खंभा था। वो कोई आम सेल्फी नहीं थी, सेल्फी लेने वाला और सेल्फी देने वाला दोनों एक-एक खंभे के रखवाले थे। ये दोनों खंभे एक-दूसरे पर नज़र रखने वाले थे लेकिन सेल्फी में दोनों की नजर सिर्फ कैमरे पर थी और पूरा फोकस स्माइल और मुँह बनाने पर था। उस सेल्फी…
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पॉलिटिकल लव: प्यार को भी आधार से लिंक करा दें?
अच्छा बताओ हमारे प्यार में कोई कमी तो नहीं है ? नहीं हमारा प्यार एकदम MP की सड़कों की तरह है, यानी हमारा कोई मुकाबला ही नहीं है ! हाहाहाहा, चलो ये बात सब जगह बोल आता हूँ। हाहाहाहा, रहने दो मज़ाक बन जायेगा।
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चीन में राष्ट्रपति चुनाव: जानें, क्या है प्रक्रिया?
चीन में चुनाव होने जा रहे हैं, कोइ आम चुनाव नहीं बल्कि राष्ट्रपति का चुनाव होने जा रहा है। कुछ ऐसी है इस चुनाव की प्रकिया .. इन सब बातों से जरूरी एक और बात है लेकिन इस बात का मतलब अंत में समझ आएगा। ‘चीनी कम्युनिस्ट पार्टी भगवान से ज़्यादा अहम’ सब कुछ पढ़ते…
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पॉलिटिकल लव: प्यार का हंगर इंडेक्स कितना है?
तुम इतने लिंक क्यों हो मुझ से? बस डर गया कि कही लिंक न हुआ तो जान न चली जाए, तुम लिंक नहीं करोगे तब भी प्यार का राशन पूरा मिलेगा तुम्हें, फिर ठीक है, तुम सरकार से कितनी अलग हो ना, लव यू! अच्छा इतने सैड मत हो ये बताओ क्या बना रहे हो…
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काली पन्नी के पीछे छुपा दर्द!
माँ क्यों कहती हो मत छूना उस काली पन्नी को? क्या छुपा है माँ उस काली पन्नी में? क्यों नहीं बताती माँ क्या ले आती हो उस काली पन्नी में? क्या लपेटा है उन कागजों के बीच उस काली पन्नी में? माँ तुम अचार देना बंद कर देती हो घर में आते ही उस काली…
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पॉलिटिकल लव- तुम इतना चाटते कैसे हो?
तुम इतना चाटते क्यों हो? क्या पता! तुम चाटने पर कुछ दे दो. मैं सरकार नहीं हूँ, ऐसा कुछ मत सोचना. तुमसे अच्छी सरकार है, चाटने पर चेयरमैन तो बना देती है. हा हा हा हा, तो जाओ वहीं. एक बात बताओ, कितना डिफेंड करोगें मेरे फंसने पर? सारे प्रोटोकॉल तोड़ के तुम्हे डिफेंड करूँगा…
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मैं पेट्रोल बोल रहा हूं, तुम मेरा दर्द सुनोगे?
मैं कोई और नहीं पेट्रोल बोल रहा हूं। आप मुझे रोज कोसते हैं, रोज गालियां देते हैं कि मैं महंगा हो गया। क्या आपने कभी मेरा दर्द समझा ? मैं कितने टैक्सों से लदा हूं। क्या पता आपको, आपको तो सिर्फ अपना दर्द दिखता है! मैं जब घर से निकलता हूं, तब मैं इतना सस्ता…
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रामायण की कहानी कलियुग की ज़ुबानी
आज अगर रावण होता तो सबसे बड़ा टैक्स पेयर होता। भाई उसके पास सोने की लंका थी, वो सबकी लंका लगा देता। रावण को उसका घमण्ड नहीं जीएसटी बर्बाद कर देता और बाकी बची कसर नोटबन्दी निकाल देती। रावण को जब तक समझ आता तब तक मोदी जी विदेश निकल लेते। कुम्भकर्ण को आप सब…
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पॉलिटिकल लव- प्यार में कर्जमाफ़ी
तुम कल मुझसे मिलने क्यों नहीं आये? अरे बाबा कुछ काम पड़ गया था. ठीक है, जाओ काम करो फिर. अरे बाबा! माफ कर दो हमें फिर नहीं होगा ऐसा. माफ हम बस उतना ही करेंगे जितना योगी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया है. हा हा हा, फिर तो रहने दो माफ करने…
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पॉलिटिकल लव: प्यार में पलटोगे नहीं न?
तुम कहाँ हो आजकल ? क्यूँ क्या हुआ मेरी जान? बस तुम वादा करते हो मिलने का फिर पलट जाते हो. अरे! मैं तुम्हें रेल लगता हूँ क्या ? नहीं यार, तुम उससे तो ठीक ही हो , वो तो रिकॉर्ड तोड़ देती है चलो किसी से तो अच्छा हूं. तुम मेरे पास हरदम…